16 लाख की नकली खाद फैक्ट्री का खुलासाकिसानों के लिए अच्छी और सही खाद बहुत जरूरी है. लेकिन हाल ही में अमरेली जिले के मोटा अंकड़िया गांव में एक नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ. यह फैक्ट्री किसानों को घटिया और नकली खाद बेच रही थी. पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त जांच के बाद इसे पकड़ा गया.
इस पूरे मामले की शुरुआत बाबरा के खंभाला से हुई. 15 दिन पहले वहां एक किसान ने देखा कि इफको खाद के एक बैग में नकली खाद मिली. इसके बाद पुलिस और कृषि विभाग ने जांच शुरू की. जांच के दौरान मोटा अंकड़िया गांव में यह नकली खाद फैक्ट्री मिली.
इस फैक्ट्री से कुल 16 लाख 74 हजार रुपये की नकली खाद बरामद हुई.
फैक्ट्री का मालिक भरत चिमनभाई धनानी था, जो अमरेली के लालावदार गांव का रहने वाला है. फिलहाल वह फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द ही उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है.
नकली खाद किसानों के लिए बहुत बड़ा नुकसान है. अगर किसान नकली खाद का इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी फसल अच्छी नहीं बढ़ती, पैदावार कम हो जाती है और मेहनत का नुकसान होता है.
अमरेली के पुलिस सुपरिटेंडेंट संजय खरात ने किसानों से कहा है कि वे खाद खरीदने से पहले उसकी क्वालिटी जरूर जांचें. किसी भी संदिग्ध बैग को तुरंत पुलिस या कृषि विभाग को सूचित करें. अमरेली की यह घटना दिखाती है कि नकली खाद बनाना और किसानों को धोखा देना कितना खतरनाक हो सकता है. समय पर पुलिस और कृषि विभाग की कार्रवाई से इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ. किसानों को हमेशा सचेत रहना और गुणवत्तापूर्ण खाद ही खरीदना चाहिए. इस भंडाफोड़ से एक संदेश भी मिलता है कि नकली उत्पादों से सावधान रहना और जिम्मेदारी से कृषि करना जरूरी है.
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