अलीगढ़ पहुंचा किसान तक का किसान कारवांअलीगढ़ जिला गंगा-यमुना नदियों के बीच बसा है. यह जिला अपनी गंगा–यमुना तहजीब और ताला उद्योग के लिए जाना जाता है. यहां की जमीन बहुत उपजाऊ है, इसलिए खेती भी अच्छी होती है. पहले यहां परंपरागत खेती होती थी, लेकिन अब किसान नई और आधुनिक खेती भी सीख रहे हैं. पिछले कुछ सालों में अलीगढ़ के किसानों ने खेती में काफी तरक्की की है.
खेती को और बेहतर बनाने के लिए “किसान तक किसान कारवां” अलीगढ़ जिले के कनोवी गांव पहुंचा. यह कारवां उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में जा रहा है और अलीगढ़ इसका चौथा जिला रहा. इस कार्यक्रम में किसानों को खेती, बागवानी, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. यह कार्यक्रम करीब 5 घंटे तक चला.
पहले चरण में पूर्व एडीओ ज्ञान सिंह ने किसानों को बीज शोधन के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बीज बोने से पहले उसे साफ करना बहुत जरूरी है. इससे फसल अच्छी होती है. उन्होंने धान की खेती का उदाहरण देकर बीज शोधन की दवाइयों के बारे में आसान शब्दों में समझाया.
दूसरे चरण में इफको के एरिया मैनेजर बी.के. निगम ने किसानों को जैविक खेती के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद का इस्तेमाल ज्यादा नहीं करना चाहिए. सही मात्रा में खाद डालने से फसल अच्छी होती है. उन्होंने नैनो यूरिया, डीएपी और जैव उर्वरकों के सही उपयोग की जानकारी भी दी.
तीसरे चरण में मैजिशियन सलमान ने जादू दिखाकर बच्चों और किसानों का मनोरंजन किया. साथ ही उन्होंने खेती, पशुपालन, बागवानी और सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया. उन्होंने मिट्टी जांच का सही तरीका भी आसान भाषा में समझाया.
कृषि विभाग के एडीओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर फसल कम हो रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि खाद कम है. असली कारण मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. इसलिए मिट्टी की जांच जरूरी है. उन्होंने घर पर मिट्टी की जांच करने के आसान तरीके भी बताए.
बीटीएम महिपाल सिंह ने किसानों को गोबर खाद और जैविक खाद बनाने के तरीके बताए. उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती अपनाने से मिट्टी स्वस्थ रहती है. उन्होंने गेहूं और मटर की खेती के बारे में भी जानकारी दी.
कार्यक्रम के आखिरी चरण में एफपीओ से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया. कनोवी गांव की ग्राम प्रधान दुलारी देवी और समाजसेवी जितेंद्र सिंह को सम्मान मिला. इससे गांव की महिलाओं और किसानों का हौसला बढ़ा.
किसान तक किसान कारवां ने अलीगढ़ के किसानों को नई खेती सीखने का मौका दिया. आसान भाषा, खेल, जादू और उदाहरणों से खेती की बातें समझाई गईं. इससे छोटे किसान ही नहीं, बच्चे भी खेती के बारे में सीख सके. यह पहल किसानों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम है.
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