बस्ती पहुंचा ‘किसान कारवां’ का 46वां पड़ाव, सरकारी योजनाओं से लेकर आधुनिक खेती की नई जानकारी सीखते दिखे किसान

बस्ती पहुंचा ‘किसान कारवां’ का 46वां पड़ाव, सरकारी योजनाओं से लेकर आधुनिक खेती की नई जानकारी सीखते दिखे किसान

पशुधन प्रसार के अधिकारी पशुपालन के विजय कुमार ने ‘नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ के बारे में भी किसानों को विस्तार से जानकारी दी और बताया कि इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार के लाभ मिलते हैं. इसके अलावा, पशुपालन विभाग द्वारा संचालित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी किसानों को अवगत कराया गया.

Advertisement
बस्ती पहुंचा ‘किसान कारवां’ का 46वां पड़ाव, सरकारी योजनाओं से लेकर आधुनिक खेती की नई जानकारी सीखते दिखे किसानबस्ती पहुंचा किसान कारवां

परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि और बागवानी, विशेष रूप से आम और केले की खेती के लिए पहचान रखने वाले बस्ती जनपद में ‘किसान तक’ के किसान कारवां का 46वां पड़ाव पहुंचा.  जनपद के बहादुरपुर ब्लॉक अंतर्गत पिपरा गौतम गांव में किसान कारवां कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल के तहत प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं. बस्ती में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. 

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती के नए तरीकों, फसल प्रबंधन और केवीके की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही विभिन्न फसलों से वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार कर आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई. कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ के माध्यम से 12 किसानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला.वहीं, टायर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जेके टायर द्वारा अपने विभिन्न उत्पादों की जानकारी भी किसानों को दी गई.

पशुपालन से ही बदलेगी किसानों की किस्मत

पहले चरण में पशुधन प्रसार के अधिकारी पशुपालन के विजय कुमार ने ‘नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ के बारे में भी किसानों को विस्तार से जानकारी दी और बताया कि इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार के लाभ मिलते हैं. इसके अलावा, पशुपालन विभाग द्वारा संचालित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी किसानों को अवगत कराया गया. उन्होंने कहा कि यदि किसान अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें पशुपालन की ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता है. इसके साथ ही एक गौशाला के माध्यम से किसानों को मिलने वाले पशुओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी.

पशुपालन के साथ बकरी और मुर्गी पालन भी करें किसान

दूसरे चरण में केवीके बस्ती के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर ने किसानों को खेती के लिए सही बीज के चयन का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि अगर बीज का चयन सही होगा तो आमदनी बढ़ेगी.साथ ही उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती करने का सुझाव दिया और कहा कि आज जिस तरह से मिट्टी की उर्वराशक्ति खत्म हो रही है, उसे बढ़ाने के लिए किसानों को गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए. आगे उन्होंने किसानों को पशुपालन के अलावा बकरी पालन और मुर्गी पालन करने का भी सुझाव दिया.

काला नमक धान की खेती से किसान बढ़ाएं आमदनी

तीसरे चरण में केवीके के वैज्ञानिक डॉ. वी. वी. सिंह ने  पूसा नरेंद्र काला नमक वन धान बीज के बारे में किसानों को जानकारी दी. इस बीज की खेती के सही तरीके को लेकर किसानों को जागरूक किया. आगे उन्होंने कहा कि काला नमक की खेती करने वाले किसानों को मैं आश्वासन देता हूं कि जितना भी धान होगा, उसे अच्छी दर पर खरीदवाने की जिम्मेदारी हमारी रहेगी. इस बीजे से प्रति एकड़ 18 से क्विंटल तक धान का उत्पादन होता है.इसके साथ ही उन्होंने किसानों को कम उर्वरकों के उपयोग करने का सुझाव दिया.

कला के जरिए खेती का संदेश

चौथे चरण में मैजिशियन अमित सिंह राणा ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की.उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. 

फार्मर रजिस्ट्री के बारे में मिली जानकारी

पांचवें चरण में कृषि विभाग के बीटीएम सुमित श्रीवास्तव ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए क्यों आवश्यक है. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सभी कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी बेहद जरूरी होगी.साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, इसलिए किसानों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए.

किसान अपने बच्चों का कृषि की पढ़ाई जरूर करवाएं

छठवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती के वैज्ञानिक डॉ. पी.के. मिश्रा ने युवाओं को खेती की ओर कदम बढ़ाने के लिए जागरूक किया. उन्होंने कहा कि हर किसान को अपने एक बेटे या बेटी को बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई जरूर करवानी चाहिए. साथ ही उन्होंने खेती के दृष्टिकोण से मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की जानकारी दी. आगे उन्होंने किसानों को ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के फायदे तथा उनके सही उपयोग के बारे में बताया. इसके अलावा कार्बन क्रेडिट और आम की बागवानी पर भी विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आम की कई किस्मों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं तथा आम के पौधे लगाने का सही समय भी किसानों को समझाया गया.

क्या है जेके टायर की खासियत

सातवें चरण में जेके टायर के प्रतिनिधि सचिन सिंह ने कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों के टायरों के बारे में जानकारी दी.उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा टायर से संबंधित कई सुविधाएं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं. आगे उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर टायर पर कंपनी 7 वर्ष तक की मैन्युफैक्चरिंग गारंटी प्रदान करती है.

लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को दी गई नकद राशि

अंतिम आठवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और पांच विजेता  को 1000 रुपये दिए गए.  किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.

ये भी पढ़ें: 

धौलपुर मंडी में बदइंतजामी से नाराज किसान, प्रशासन के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
हल्की बारिश में फसल बचाने के असरदार तरीके, आज ही जानें ये आसान उपाय

POST A COMMENT