मंडी में बदइंतजामी से नाराज किसानराजस्थान के धौलपुर जिले की कृषि मंडी में हालात काफी खराब हो गए हैं. यहां किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पहले मंडी में जांच के लिए दो लैब काम कर रही थीं, लेकिन दो दिन पहले एक लैब खराब हो गई. जिसके बाद अब सारा काम सिर्फ एक ही लैब से किया जा रहा है. इस वजह से मंडी में किसानों की भीड़ बढ़ गई है और उन्हें घंटों लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. इससे किसानों का समय भी खराब हो रहा है और उन्हें काफी परेशानी भी उठानी पड़ रही है. इससे नाराज होकर किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
किसानों का कहना है कि वे सुबह-सुबह मंडी पहुंच जाते हैं, ताकि समय पर उनका काम हो सके. लेकिन हालात इतने खराब हैं कि देर शाम तक भी उनका नंबर नहीं आ पाता है. कई किसान पूरे दिन लाइन में लगे रहते हैं, बावजूद इसके उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ता है. इससे किसानों में गहरा आक्रोश है. मंडी में अव्यवस्था का आलम यह है कि किसानों के लिए न तो बैठने की कोई व्यवस्था है और न ही छाया की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. तेज धूप में किसान घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं. कई किसान भूखे-प्यासे अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है.
किसानों ने मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जान-पहचान वाले लोगों की पर्चियां पहले काट दी जाती हैं, जबकि सुबह से लाइन में खड़े किसानों की अनदेखी की जाती है. इस तरह की शिकायतों ने मंडी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार बढ़ रही परेशानियों से नाराज किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया और उन्होंने मंडी परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
मामले को लेकर कृषि उपज मंडी के सचिव कौशल शर्मा ने बताया कि मंडी में एक लैब के खराब होने से समस्या हुई है, जिससे किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा है. मशीन खराब होने की शिकायत कंपनी के इंजिनियर को तुरंत कर दी गई है. कंपनी ने आश्वासन दिया है कि सोमवार तक मशीन दुरुस्त हो जाएगी. भारी आवक की वजह से एक लैब पर लोड अधिक था तो काम में लेट हुआ था और समस्या से निजात पाने के लिए प्रयासरत हैं, उन्होंने कहा कि जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा. (उमेश मिश्रा की रिपोर्ट)
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