पीएम किसान मोबाइल ऐप से काम हुआ आसान (AI जनरेटेड इमेज)पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ किसानों को सीधा और सुविधा के साथ मिले, इसके लिए सरकार ने PM Kisan Mobile App शुरू किया है. यह ऐप किसानों को कई सुविधाएं देता है जिनके लिए उन्हें जनसेवा केंद्र या साइबर कैफे में भटकना पड़ता है. कोई भी किसान जिसके पास स्मार्ट फोन हो, वह पीएम किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकता है और इस स्कीम से जुड़ी हर तरह की सुविधाएं उठा सकता है. केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत इस ऐप को लॉन्च किया है ताकि किसान घर बैठे योजना का लाभ ले सकें.
हालांकि इस ऐप को लेकर किसानों को थोड़ा सावधान रहने की भी जरूरत होती है. इस ऐप में कुछ जरूरी जानकारी शेयर करनी होती है जिसके आधार पर पीएम किसान की किस्तों का लाभ मिलता है. अगर किसान अपनी जरूरी जानकारी में कोई गलती करते हैं, तो उनकी किस्त का पैसा अटक सकता है. तो आइए जानते हैं कि किसानों को किन गलतियों से बचना चाहिए.
बैंक के आईएफएससी कोड की मदद से ही डीबीटी के जरिये किसान के खाते में पीएम किसान की किस्त आती है. इसलिए पीएम किसान मोबाइल ऐप पर इस कोड को पूरी सावधानी के साथ दर्ज करें. गलत आईएफएससी दर्ज करने से यदि आपकी बैंक डिटेल्स रिजेक्ट हो गई, तो आपको योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसलिए सही कोड को पीएम किसान मोबाइल ऐप की मदद से अपडेट करें. हालांकि IFSC कोड के अलावा आपने रजिस्ट्रेशन करते समय कोई बड़ी गलती कर दी है तो आपको अपने स्थानीय लेखपाल, नोडल अधिकारी या कृषि विभाग से संपर्क करना होगा.
किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के नाम की स्पेलिंग बहुत महत्वपूर्ण है. इसमें छोटी गलती भी योजना से वंचित कर सकती है. इसलिए पीएम किसान मोबाइल ऐप पर नाम लिखते वक्त सावधान रहें और नाम की स्पेलिंग दो बार चेक करें. अगर कोई गलती हो जाए तो तुरंत उसे सुधार लें.
पीएम किसान योजना पूरी तरह से जमीन की जानकारी के आधार पर चलती है. जो किसान जमीन की सही जानकारी देते हैं, उन्हें इस योजना का पूरा-पूरा लाभ मिलता है. अगर कोई किसान गलत जानकारी देता है तो उसका रजिस्ट्रेशन न केवल रिजेक्ट होता है बल्कि गलत फायदा उठाने वाले किसानों से रिकवरी भी की जाती है. इसे देखते हुए मोबाइल ऐप पर जमीन की सही जानकारी दें.
पीएम किसान योजना का लाभ लेने में ई-केवाईसी सबसे प्रमुख भूमिका निभाती है. इसके लिए आधार नंबर जरूरी होता है. किसान के आधार नंबर से ही ई-केवाईसी होती है जिसे मोबाइल ऐप के जरिये खुद कर सकते हैं. इसलिए ई-केवाईसी में सावधानी रखते हुए आधार की सही-सही जानकारी दर्ज करें.
पीएम किसान मोबाइल ऐप पर लॉगिन करने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है. इसी मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है जिससे मोबाइल ऐप पर लॉगिन किया जाता है. इसे देखते हुए किसान को सही मोबाइल नंबर दर्ज करना चाहिए. अगर नंबर खो गया है, या बदल गया है तो सबसे पहले नए नंबर को पीएम किसान पोर्टल पर जाकर दर्ज करना चाहिए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today