CSA कानपुर में आज से शुरू होगी मशरुम उत्पादन की ट्रेनिंग, आवेदन के लिए इन नंबरों पर करें कॉल

CSA कानपुर में आज से शुरू होगी मशरुम उत्पादन की ट्रेनिंग, आवेदन के लिए इन नंबरों पर करें कॉल

Mushroom Farming: नोडल अधिकारी डॉ.श्रीवास्तव ने बताया कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग एस्टर, बटन या मिल्की मशरूम की खेती शुरू कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विस्तार से प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उगाने के विभिन्न प्रकार के प्रयोग (प्रैक्टिकल) भी कराए जाएंगे.

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CSA कानपुर में आज से शुरू होगी मशरुम उत्पादन की ट्रेनिंग, आवेदन के लिए इन नंबरों पर करें कॉलमशरूम की खेती आज किसानों के लिए कम लागत में अच्छी कमाई का जरिया

मशरूम की खेती आज किसानों के लिए कम लागत में अच्छी कमाई का जरिया बन रही है. इसी क्रम में सोमवार से कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में मशरूम उत्पादन तकनीक पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है. विश्वविद्यालय में पादपरोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी व्यक्ति (किसान, छात्र एवं शहरी लोग) जो मशरूम की खेती या व्यवसाय करना चाहते हैं, तो यह उनके लिए सुनहरा अवसर है. उन्होंने बताया कि मशरूम पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कोई भी युवक/युवतियां अधिक जानकारी के लिए 9839818899 एवं 8218483463 फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. वहीं देशभर के युवा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं, और इसके लिए उन्हें नीचे दिए गए नंबरों पर कॉल कर आवेदन करना होगा.

एस्टर, बटन या मिल्की मशरूम की खेती 

नोडल अधिकारी डॉ.श्रीवास्तव ने बताया कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग एस्टर, बटन या मिल्की मशरूम की खेती शुरू कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विस्तार से प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उगाने के विभिन्न प्रकार के प्रयोग (प्रैक्टिकल) भी कराए जाएंगे.

1500/- रुपया पंजीकरण फीस

डॉ मुकेश श्रीवास्तव ने आगे बताया कि प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए 1500/- रुपया पंजीकरण शुल्क के साथ अपनी आईडी (आधार की कॉपी) एवं एक स्वयं की पासपोर्ट साइज फोटो देनी होगी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अगर कोई किसान बाहर से आता है, तो उसे रुकने की व्यवस्था होगी. लेकिन उसके लिए प्रशिक्षणार्थी को स्वयं खर्चा वहन करना होगा. मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के लिए न केवल रोजगार के अवसर खोलेगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कृषि व्यवसाय में दक्षता बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करेगा. 

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