अब गांवों में भी देना होगा टैक्स, बिहार सरकार ने पंचायतों को दी टैक्स वसूली की मंजूरी

अब गांवों में भी देना होगा टैक्स, बिहार सरकार ने पंचायतों को दी टैक्स वसूली की मंजूरी

बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को पहली बार टैक्स और अलग-अलग शुल्क वसूलने का अधिकार दे दिया है. अब पंचायतें मकानों, व्यापार, उद्योग और अपनी सेवाओं पर तय नियमों के तहत टैक्स और फीस लगा सकेंगी.

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अब गांवों में भी देना होगा टैक्स, बिहार सरकार ने पंचायतों को दी टैक्स वसूली की मंजूरीगांवों में भी देना होगा टैक्स

अब तक शहरों में रहने वाले लोगों से सड़क, सफाई, पानी और दूसरी सुविधाओं के लिए टैक्स लिया जाता था. लेकिन अब बिहार के गांवों में भी पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं के लिए टैक्स देना होगा. दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य की ग्राम पंचायतों को टैक्स वसूलने का अधिकार दे दिया है. बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें पंचायतों को मकानों पर टैक्स लगाने, पंचायत क्षेत्र में चल रहे पेशे, व्यापार और उद्योगों पर शुल्क लेने, पंचायत की ओर से दी जाने वाली सेवाओं के लिए फीस वसूलने और अन्य स्थानीय शुल्क लगाने का अधिकार भी दिया गया है.

सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी और वे गांवों में विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं पर अधिक खर्च कर सकेंगी. इसके अलावा कैबिनेट बैठक में राजगीर, रोहतास और कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. इससे इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

बिहार में पहली बार पंचायत स्तर पर टैक्स

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में ग्राम पंचायतों को टैक्स वसूलने की मंजूरी दी गई. बैठक के बाद सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि इस नई व्यवस्था का नाम 'ग्राम पंचायत टैक्स, दर और शुल्क नियमावली, 2026' रखा गया है. इस नियमावली के तहत ग्राम पंचायतें सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा के भीतर नियमों के अनुसार टैक्स और विभिन्न प्रकार के शुल्क लगा सकेंगी. इससे पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी और वे गांवों में विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं पर अधिक खर्च कर सकेंगी.

उन्होंने बताया कि बिहार में पहली बार पंचायतों के लिए ऐसी टैक्स व्यवस्था लागू की गई है. इससे पहले पंचायतों के पास टैक्स या शुल्क वसूलने के लिए न तो कोई स्पष्ट नियमावली थी और न ही सरकार ने उन्हें इस तरह का अधिकार दिया था. अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायतें कानूनी रूप से टैक्स वसूल सकेंगी.

2011 की आबादी के अनुसार होगा पंचायतों का परिसीमन

बिहार में इस साल के अंत तक पंचायत स्तर के चुनाव होने का अनुमान है. वहीं, चुनाव की घोषणा से पहले पंचायतों के परिसीमन को लेकर भी चर्चाएं थीं. बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पंचायतों के परिसीमन को लेकर भी नया आदेश जारी किया गया. इसको लेकर अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि पंचायतों का वर्ष 2011 की जनसंख्या के हिसाब से नए तरीके से परिसीमन कराया जाएगा. इस फैसले से ग्राम पंचायतें पहले से ज्यादा मजबूत होंगी और गांवों में विकास कार्य बेहतर तरीके से हो सकेंगे. बढ़ती आबादी के हिसाब से पंचायत क्षेत्रों का सही गठन और परिसीमन होने से लोगों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा और सरकारी सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी. साथ ही प्रशासन का कामकाज अधिक व्यवस्थित होगा और सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा.

मंत्रिपरिषद की बैठक में इन कार्यों पर भी लगी मुहर

बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने भागलपुर के ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम हवाई अड्डा करने का भी फैसला लिया. एयरपोर्ट निर्माण के लिए भागलपुर में 1,425 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिस पर लगभग 556.12 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान हैय इसके साथ ही राजगीर, रोहतास और कैमूर में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और बिहार सरकार के बीच होने वाले समझौता ज्ञापन (MoU) को भी मंजूरी दे दी गई.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' का गठन

मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की महिलाओं और छात्राओं को लेकर एक अहम फैसला लिया गया. सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान आदि आने-जाने के दौरान सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' का गठन किया गया है. इसके लिए 1500 स्कूटी और पुलिस कर्मियों के लिए 3200 मोटरसाइकिल की खरीद होगी. 1500 स्कूटी में 1000 पेट्रोल और 500 इलेक्ट्रिक स्कूटी होंगी. इसके अलावा पूर्व में चयनित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के अतिरिक्त राज्य के अन्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में चयन और संचालन की मंजूरी दी गई.

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