मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 9 वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है. सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है. अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है.मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे.
सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है. प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है. 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था.गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है. सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है. 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है.
बाकी में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें. आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है. अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है. अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी. उन्होंने कहा कि आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है. वहीं, 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी सरकार ने पूरा कराया. उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया. बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपये मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपये मिल रहा है. उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की.
सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं. देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है. सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपये की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है. सवा तीन करोड़ रुपये इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं.
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