बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर घमासानहैदराबाद के रंगारेड्डी जिले के शमशाबाद मंडल स्थित बहादुरगुड़ा गांव में किसानों का जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रहा. किसान अपनी खेती की जमीन को बचाने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर वे कई पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं, उसे प्रस्तावित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित करने की कोशिश की जा रही है.
किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी जमीन को लेकर किसी भी तरह की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए. उनका कहना है कि जब तक जमीन से जुड़ा विवाद कानूनी प्रक्रिया में है, तब तक जमीन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए. किसानों ने अधिकारियों पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है.
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उनकी जमीन सिर्फ खेती का साधन नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का मुख्य आधार है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके जमीन के अधिकारों को मान्यता दी जाए और उन्हें जरूरी दस्तावेज जैसे पट्टे और पासबुक जारी किए जाएं.
किसानों का कहना है कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया पूरी किए उनकी जमीन नहीं ली जानी चाहिए. उन्होंने साफ कहा है कि वे अपनी जमीन खाली नहीं करेंगे और जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
किसानों के इस आंदोलन को भारत राष्ट्र समिति (BRS) का भी समर्थन मिला है. राजेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी पी. कार्तिक रेड्डी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और किसानों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया.
कार्तिक रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) किसानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीन का मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है. उन्होंने कहा कि बिना कानूनी अनुमति के किसानों की जमीन पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर सरकार या HYDRAA बहादुरगुड़ा की जमीनों को लेकर जबरदस्ती कार्रवाई करती है, तो BRS किसानों के साथ खड़ी रहेगी और बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों से इन जमीनों पर खेती की है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने दिया जाएगा.
किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि जमीन विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करेंगे.
फिलहाल बहादुरगुड़ा गांव में किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. किसान सरकार से बातचीत और अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं. वहीं, जमीन अधिग्रहण को लेकर विवाद के बीच सरकार की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.
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