अब खेती बनेगी मुनाफे का सौदा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 'बलराम कृषि महोत्सव' के जरिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान शुरू

अब खेती बनेगी मुनाफे का सौदा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 'बलराम कृषि महोत्सव' के जरिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान शुरू

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया. किसान कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान, दिन में कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं.

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अब खेती बनेगी मुनाफे का सौदा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 'बलराम कृषि महोत्सव' के जरिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान शुरू

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में मनाने की शुरुआत करते हुए राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का इंदौर से शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि सरकार अब खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि "खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार" तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा और राजस्व समेत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है. यह अभियान अब प्रदेश के सभी 55 जिलों में 13 नवंबर तक चलेगा, जहां किसानों को आधुनिक खेती, कृषि तकनीक, प्रसंस्करण, विपणन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी.

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश में उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आए. अब किसान कल्याण वर्ष के जरिए खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के विकास का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प ही सरकार की प्राथमिकता है.

सिंचाई, बिजली और सड़क को बताया खेती की रीढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की समृद्धि का आधार पानी, बिजली और सड़क है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी, जिसे अब बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है.आने वाले वर्षों में सिंचित क्षेत्र को और बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने किसानों को रात्रि की बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम करने की बात कही ताकि खेती अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके.

गेहूं, सोयाबीन और ब्याज मुक्त कृषि ऋण का जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया. वहीं सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना के माध्यम से सहायता दी गई.उन्होंने कहा कि अब किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण मिलेगा और हर छह महीने में ऋण नवीनीकरण कराने की आवश्यकता भी समाप्त कर दी जाएगी.

नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर

डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजनाओं से प्रदेश के 13 जिलों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा. लगभग एक लाख करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से मालवा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.

फूड प्रोसेसिंग और कृषि उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती को उद्योग से जोड़ रही है.उज्जैन में 1250 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी. इसके अलावा इंदौर, उज्जैन और आगर सहित कई जिलों में कृषि आधारित उद्योग विकसित किए जा रहे हैं.

डेयरी, परिवहन और पशुपालन पर नई पहल

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई स्थापित करने पर सरकार 10 लाख रुपये का अनुदान देगी. साथ ही राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ हुए समझौते के बाद किसानों को दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त आय मिल रही है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में करीब 12 प्रतिशत योगदान देता है और इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है.

कपास किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिले में बन रहे प्रधानमंत्री मित्र टेक्सटाइल पार्क से प्रदेश के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा. इससे कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट तक की पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित होगी.

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

  • इंदौर में आधुनिक और नई कृषि उपज मंडी का निर्माण।
  • किसानों को दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई पर 10 लाख रुपये का अनुदान।
  • गौशालाओं के लिए प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन अनुदान।
  • फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार।
  • नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं से फसल सुरक्षा के लिए विशेष योजना।
  • प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था।

एक मंच पर मिली सभी विभागों की जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, ऊर्जा, सहकारिता, एमएसएमई और अन्य विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर किसानों को ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, बीमा, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसानों, किसान परिवारों के विद्यार्थियों और कृषि क्षेत्र में कार्य कर रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का भी सम्मान किया गया.

 

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