
उड़द की खेतीउड़द की खेती ग्रीष्मकालीन यानी जायद फसल के तौर पर की जाती है. इसकी दाल को काला चना भी कहा जाता है. ये भारत में उगाई जाने वाली एक प्रमुख दलहनी फसल है, जो कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उड़द की खेती कम लागत और कम समय में आसानी से की जा सकती है. ऐसे में खरीफ सीजन की शुरुआत में किसान अपने खेतों में उड़द की खेती कर सकते हैं. उड़द की खास बात है कि यह जमीन में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाती है, जिससे अगली फसलों से बढ़िया उत्पादन मिलता है. ऐसे में अगर आप भी मार्च महीने में उड़द की खेती करना चाहते हैं और उसकी उन्नत किस्म VBN-8 का बीज नीचे दी गई जानकारी की सहायता से ऑनलाइन अपने घर पर मंगवा सकते हैं.
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा दलहनी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन उड़द के बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं. बता दें कि उड़द की खेती मार्च-अप्रैल के अलावा खरीफ और रबी सीजन में भी की जाती है.

VBN-8 उड़द की एक खास वैरायटी है. ये उड़द की एक अधिक उपज देने वाली किस्म है यह किस्म MYMV के प्रति प्रतिरोधी है और दोनों सीजन में खेती के लिए उपयुक्त है. इस किस्म की खेती से किसान 11-12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज पा सकते हैं. वहीं इस किस्म को तैयार होने में मात्र 65-70 दिन का समय लगता है. वहीं, इस किस्म की खेती राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात में की जाती है.
अगर आप भी उड़द VBN-8 किस्म की खेती करना चाहते हैं, तो इस किस्म के बीज का 4 किलो का पैकेट फिलहाल 16 फीसदी की छूट के साथ 540 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से उड़द की खेती कर सकते हैं. साथ ही अच्छी कमाई भी कर सकते हैं.
उड़द की खेती के लिए खेत की तैयारी बहुत महत्वपूर्ण है. बुवाई के पहले खेत की दो से तीन बार जुताई करें. उसके बाद ढेलों को कुचलने और खरपतवारों को नष्ट करने के लिए हल्की जुताई करें. उड़द दाल के बीज बोने की विधि में मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए. जायद की बुवाई के लिए पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी और पंक्ति की दूरी 30 सेमी रखने की सलाह दी जाती है. अगर आप गेहूं की कटाई के बाद खेत को खाली नहीं छोड़ते, तो उड़द आपकी आमदनी बढ़ाने का सबसे अच्छा जरिया है.
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