यूपी में यूरिया के लिए 100 फीट ऊंचे टैंक पर चढ़े किसान, वीडियो वायरल होते ही जांच के आदेश

यूपी में यूरिया के लिए 100 फीट ऊंचे टैंक पर चढ़े किसान, वीडियो वायरल होते ही जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में यूरिया खाद खरीदने के लिए किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को करीब 100 फीट ऊंचे पानी के टैंक पर चढ़कर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ा. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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यूपी में यूरिया के लिए 100 फीट ऊंचे टैंक पर चढ़े किसान, वीडियो वायरल होते ही जांच के आदेशखाद के लिए 'टंकी चढ़ो' व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां किसानों को यूरिया खाद खरीदने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए करीब 100 फीट ऊंचे पानी के टैंक पर चढ़ना पड़ा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दे दिए. यह मामला हर्रैया सतघरवा विकास खंड के कोहरोडा कोऑपरेटिव सोसाइटी का बताया जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरिया खाद लेने आए किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों से कहा गया कि वे पानी की ऊंची टंकी पर चढ़कर अपना बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं. टंकी के ऊपर सोसाइटी का एक कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन लेकर बैठा था और वहीं किसानों के अंगूठे के निशान का सत्यापन करने के बाद खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी.

100 फीट ऊंचे पानी के टैंक पर हुआ बायोमेट्रिक

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कर्मचारी को पानी की टंकी के ऊपर बैठकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करते, पैसे लेते और खाद देने से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करते हुए देखा गया. एक अन्य वीडियो में एक महिला भी यूरिया लेने के लिए टंकी पर चढ़ी. इसके अलावा कई किसान अपनी जान जोखिम में डालकर टंकी पर चढ़ते और नीचे उतरते नजर आए. इस दृश्य ने लोगों को हैरान कर दिया और किसानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

यूपी में खाद के लिए 'टंकी चढ़ो' व्यवस्था

इस घटना के बाद किसानों में भारी नाराजगी है. किसान राम प्रकाश का आरोप है कि कर्मचारी खुले में हवा का आनंद लेने के लिए पानी की टंकी पर बैठते हैं और किसानों को भी वहीं बुलाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराते हैं. उनका कहना है कि यदि कोई किसान, महिला या बुजुर्ग टंकी से गिर जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है. उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

बलरामपुर में यूरिया वितरण पर सवाल

वहीं, नवलगंज गांव के प्रधान राम निवास गौतम ने भी कोऑपरेटिव सोसाइटी की काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि सोसाइटी के सचिव कई-कई दिनों तक कार्यालय नहीं आते, जिससे किसानों को खाद लेने में परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है और व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.

जिला प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले पर जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है. जिला मजिस्ट्रेट विपिन जैन ने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह इलाका भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है, जहां कई बार मोबाइल नेटवर्क की समस्या रहती है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण बायोमेट्रिक मशीन को वहां ले जाकर सत्यापन किया गया हो सकता है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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