CM साय ने राजनांदगांव में यूरिया प्लांट के लिए जल्‍द मंजूरी की मांग उठाई, दिल्‍ली में PM मोदी से की मुलाकात

CM साय ने राजनांदगांव में यूरिया प्लांट के लिए जल्‍द मंजूरी की मांग उठाई, दिल्‍ली में PM मोदी से की मुलाकात

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राजनांदगांव में प्रस्तावित करीब 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया.

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CM साय ने राजनांदगांव में यूरिया प्लांट के लिए जल्‍द मंजूरी की मांग उठाई, दिल्‍ली में PM मोदी से की मुलाकातCM विष्‍णु देव साय ने पीएम मोदी के सामने उठाई बड़ी मांगें

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे प्रमुख रूप से राजनांदगांव में प्रस्तावित करीब ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया प्‍लांट को जल्द मंजूरी देने की मांग की. उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए राज्य सरकार जमीन दे चुकी है और राज्य स्तर पर जरूरी मंजूरि‍यां भी पूरी हो चुकी हैं. अब केंद्र सरकार से जल्‍द मंजूरी मिलने पर प्रोजेक्‍ट का काम आगे बढ़ सकेगा.

किसानों को मिलेगा खाद का बेहतर विकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री से कहा कि राजनांदगांव में यूरिया प्‍लांट लगने से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ आसपास के राज्यों के किसानों को खाद की उपलब्धता बेहतर होगी. इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और लोकल इकोनॉमी को भी रफ्तार मिलेगी. 

461 गांवों को ग्रिड बिजली से जोड़ने का आग्रह

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से बस्तर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता देने का अनुरोध भी किया. उन्होंने बताया कि इन गांवों में फिलहाल ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. ग्रिड कनेक्टिविटी मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी.

आयुर्वेद संस्थान और सिंचाई परियोजना का भी उठाया मुद्दा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के सामने रखा. उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है, जिसका संस्थागत विकास किया जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके पूरा होने पर करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा.

सड़क, रेल और हवाई संपर्क पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत वाली जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण और जगदलपुर से हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी कार्य जारी है. उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी.

शिवराज सिंह चौहान से सड़क कनेक्टिविटी पर भी हुई बैठक

नई दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की. बैठक में बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया.

मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर 10 किलोमीटर की परिधि को एक क्लस्टर मानने का सुझाव दिया, ताकि छोटे और बिखरे गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जा सके. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया और कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

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