
झांसी के किसान ने बेटी को हेलीकॉप्टर से किया विदाशादी हर परिवार के लिए यादगार पल होती है, लेकिन जब विदाई या बारात परंपरा से हटकर हो तो वह सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि पूरे इलाके की चर्चा बन जाती है. किसान परिवार भी अब इसमें पीछे नहीं हट रहे हैं. एक किसान ने बेटी की विदाई हेलीकॉप्टर से की तो एक किसान का बेटा हेलीकॉप्टर में बारात लेकर दुल्हन को लाया. एक मामला उत्तर प्रदेश के झांसी और दूसरा मध्यप्रदेश के श्योपुर का है.
यूपी के झांसी में एक पिता ने अपनी बेटी की विदाई को ऐसा खास बना दिया कि पूरा क्षेत्र इसका गवाह बन गया. मामला सीपरी बाजार क्षेत्र में श्रीराम ढाबे के पास का है. यहां रहने वाले कन्हैया लाल यादव की बड़ी बेटी सरिता की शादी बड़गांव इलाके के रहने वाले अर्पित से तय हुई थी.
सरिता बीकॉम की पढ़ाई कर रही है और दो बहनों में सबसे बड़ी है. शादी की सभी रस्में धूमधाम से निभाने के बाद पिता ने बेटी की विदाई डोली या कार से नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टर से कराई. जैसे ही दुल्हन घर से निकलकर हेलीकॉप्टर की ओर बढ़ी और उसमें बैठी, पूरा इलाका इस अनोखे नजारे को देखने उमड़ पड़ा.
दुल्हन के पिता कन्हैया लाल यादव उर्फ सीताराम यादव भावुक होते हुए बताते हैं कि उनकी बेटी पर दादा-दादी का हमेशा आशीर्वाद रहा. जब बेटी छोटी थी, तब दादा-दादी मजाक में कहा करते थे कि इसकी विदाई अगर हेलीकॉप्टर से हो जाए तो कितना अच्छा लगेगा. उस वक्त यह सपना असंभव लगता था, क्योंकि वह खुद किसान हैं. लेकिन बेटी की एक इच्छा और परिवार के आशीर्वाद ने इस मजाक को हकीकत में बदल दिया.
पिता का कहना है कि बेटा भाग्य से पैदा होता है और बेटी सौभाग्य से. जिस घर में बेटियां हंसती हैं, वहां लक्ष्मी और खुशहाली का वास होता है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी बेटी की विदाई को जीवन भर याद रहने वाला बना दिया.
वहीं, मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में भी शादी के सीजन के बीच एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई. यहां एक किसान के बेटे की बारात हेलीकॉप्टर से रवाना हुई और शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन हेलीकॉप्टर से ही वापस अपने गांव पहुंचे.
श्योपुर जिला मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम जैदा निवासी किसान रामसिंह मीणा के छोटे बेटे अजय की शादी बड़ौदा तहसील क्षेत्र के ग्राम राजपुरा निवासी रितिका से तय हुई थी. माता-पिता की वर्षों पुरानी इच्छा थी कि उनका बेटा हेलीकॉप्टर से दुल्हन लेकर आए.

इसी सपने को पूरा करने के लिए शुक्रवार को अजय की बारात हेलीकॉप्टर से राजपुरा के लिए रवाना हुई. हेलीकॉप्टर में दूल्हे के साथ दादा-दादी, भाई और भाभी भी सवार थे. गांव में जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरा और उड़ा, उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई.
शादी के बाद शनिवार को दूल्हा-दुल्हन और परिजन हेलीकॉप्टर से ही वापस जैदा गांव लौटे. दूल्हा अजय का कहना है कि उसके माता-पिता का सपना आज पूरा हो गया और वह बेहद खुश है. वहीं, दुल्हन रितिका ने कहा कि वह खुद को बहुत खुश और बहुत भाग्यशाली महसूस कर रही हैं कि उनकी विदाई हेलीकॉप्टर से हुई. (झांसी से प्रमोद कुमार गौतम/श्योपुर से खेमराज दुबे का इनपुट)
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