ऊपर गाड़ी, नीचे खेती... नगर निगम ने फ्लाइओवर के लिए तैयार किया खास प्‍लान, लोग खुद उगाएंगे फल-सब्‍जी

ऊपर गाड़ी, नीचे खेती... नगर निगम ने फ्लाइओवर के लिए तैयार किया खास प्‍लान, लोग खुद उगाएंगे फल-सब्‍जी

शहर के बीच खेती का सपना अब हकीकत बनने वाला है. मुंबई में एक फ्लाईओवर के नीचे कम्युनिटी अर्बन फार्म की तैयारी तेज है. नगर निगम के मुताबिक, स्थानीय लोग यहां खेती कर जैविक उपज उगाएंगे और शहरी जीवन में हरियाली का नया मॉडल देख पाएंगे.

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ऊपर गाड़ी, नीचे खेती... नगर निगम ने फ्लाइओवर के लिए तैयार किया खास प्‍लान, लोग खुद उगाएंगे फल-सब्‍जीफ्लाइओवर के नीचे होगी खेती (AI Image)

मुंबई के शहरी विजन में जल्द ही खेती की हरियाली नजर आ सकती है. बृहन्मुंबई नगर निगम ने हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास एक फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह को ‘कम्युनिटी अर्बन फार्म’ के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है. इस पायलट प्रोजेक्ट के जरिए शहर में सामुदायिक खेती की एक नई मिसाल कायम करने की तैयारी है. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे कॉरिडोर में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग होगा, जहां करीब 24 हजार वर्गफुट क्षेत्र में सब्जियां, फल और अन्य पौधे उगाए जाएंगे. 

टर्मिनल-1 स्टेशन के पास है प्रस्‍ताव‍ित जगह

प्रस्तावित स्थल मेट्रो की एक्वा लाइन के टर्मिनल-1 स्टेशन के पास स्थित है. योजना के तहत नगर निगम जमीन के साथ पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जबकि स्थानीय सामाजिक संगठनों की भागीदारी से खेती और रखरखाव का काम होगा. इस प्रोजेक्‍ट का मकसद सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है. 

स्‍थानीय लोग गोद ले सकेंगे मिनी फार्म

अधिकारियों ने कहा कि यह पहल कंक्रीट से घिरे शहर के बीच एक उपयोगी और टिकाऊ हरित तंत्र विकसित करने की दिशा में कदम है. इसके तहत छह फीट गुणा तीन फीट आकार के खेती के गड्ढे तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय लोग गोद लेकर अपनी पसंद की फसल उगा सकेंगे. अन्य उपनगरों के निवासी भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे.

फिलहाल दो दर्जन से अधिक गड्ढे तैयार किए जा चुके हैं और लोगों की रुचि के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी. जो परिवार या व्यक्ति इन गड्ढों को अपनाएंगे, वही उनकी देखरेख और फसल की जिम्मेदारी संभालेंगे. इससे शहर में ‘खेत से थाली तक’ की सोच को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

लोगों को दी जाएगी ट्रेनिंग

परियोजना में प्रशिक्षण का भी प्रावधान रखा गया है. यहां बालकनी और टैरेस गार्डनिंग सिखाने के लिए एक डेमो क्षेत्र बनाया जाएगा. इसके अलावा अतिरिक्त जैविक उपज बेचने के लिए छोटा सा बिक्री स्थल भी प्रस्तावित है. एक अनोखी व्यवस्था के तहत ‘प्लांट क्रेच’ की योजना भी है, जहां लोग यात्रा के दौरान अपने घर के पौधे देखभाल के लिए छोड़ सकेंगे.

प्राेजेक्‍ट सफल होने पर बढ़ेगा दायरा

पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए स्थानीय गीले कचरे से बने खाद के इस्तेमाल की योजना है. फ्लाईओवर के नीचे की जगह को घेराबंदी कर अवैध पार्किंग और असामाजिक गतिविधियों से भी मुक्त किया जाएगा. हालांकि, सीमित धूप, प्रदूषण और चूहों-पक्षियों से होने वाले नुकसान जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वर्टिकल गार्डनिंग और अन्य तकनीकों पर विचार किया जा रहा है.

नगर निगम अफसरों के मुताबिक, अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसी मॉडल को शहर के अन्य फ्लाईओवरों के नीचे भी लागू किया जाएगा. बताया जा रहा है कि अगले महीने से बाड़बंदी और मिट्टी तैयार करने का काम शुरू हो सकता है और पारंपरिक नववर्ष के अवसर पर इस ‘एडिबल लैंडस्केप’ को औपचारिक रूप से जनता के लिए खोलने की योजना है. (पीटीआई)

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