MP में करेले के अमानक बीज बेचने वाली कंपनी पर FIR, कृषि मंत्री चौहान के निर्देश के बाद एक्‍शन तेज

MP में करेले के अमानक बीज बेचने वाली कंपनी पर FIR, कृषि मंत्री चौहान के निर्देश के बाद एक्‍शन तेज

एमपी के धार-खरगोन में करेले के अमानक बीज से फसल खराब होने पर बड़ा एक्शन हुआ है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद कंपनी पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है और किसानों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया है.

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MP में करेले के अमानक बीज बेचने वाली कंपनी पर FIR, कृषि मंत्री चौहान के निर्देश के बाद एक्‍शन तेजकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (File Photo)


मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिलों में करेला फसल को हुए नुकसान के मामले में केंद्र सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषी पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए. दरअसल, नई दिल्ली में किसानों से मुलाकात के दौरान यह मामला सामने आया था.

किसानों ने चौहान से मुलाकात कर बताया था कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से करेला के बीज और रोपे खरीदे थे, लेकिन फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ. फल छोटे रह गए, पीले होकर गिरने लगे और उत्पादन में भारी गिरावट आई. इसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.

किसानों ने फरवरी में की थी शिकायत

किसानों ने इसे लेकर 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कृषि विभाग और वैज्ञानिकों की टीम ने जांच की. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि किसानों को प्रमाणित बताकर अमानक बीज और उनसे तैयार रोपे बेचे गए थे. इसी आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया.

केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद धार जिले के मनावर थाने में नुन्‍हेम्‍स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराएं 3 और 7 तथा बीज अधिनियम 1966 की धारा 19 के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं, अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

किसानों को जल्‍द मुआवजा दिलाने के निर्देश

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिले और मुआवजे की प्रक्रिया में देरी न हो. साथ ही, साथ ही, करेला के अमानक बीज वाली रूबासटा किस्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने.

केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी या लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने इसे किसानों की मेहनत, पूंजी और भरोसे से जुड़ा गंभीर मामला बताया और कहा कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है. शिवराज सिंह चौहान पहले भी नकली और अमानक बीज-कीटनाशकों के खिलाफ कड़े निर्देश देते रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि किसानों की मेहनत और फसल से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा.

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