अरुणाचल प्रदेश ने बीज योजनाओं के लिए मांगी केंद्र से मदद (सांकेतिक तस्वीर)अरुणाचल प्रदेश सरकार ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की मांग की है. नई दिल्ली में आयोजित खरीफ अभियान 2026 से जुड़े राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य के कृषि और बागवानी मंत्री गैब्रियल डी. वांगसू ने कहा कि किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में गुणवत्तापूर्ण बीज सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मंत्री ने कहा कि बीज संबंधी योजनाओं के तहत राज्यों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक प्रमाणित बीज किस्मों के विकास की जरूरत भी बताई. उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष के अनुरूप तैयार किए गए बीज किसानों को बेहतर उत्पादन देने में मदद कर सकते हैं.
वांगसू ने पारंपरिक और स्थानीय बीज संसाधनों के संरक्षण और प्रोत्साहन पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय परिस्थितियों में विकसित बीज बाहरी क्षेत्रों से लाई गई किस्मों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं. ऐसे में इन किस्मों की पहचान और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए.
राज्य सरकार ने यह भी सुझाव दिया कि स्थानीय और क्षेत्रीय कंपनियों को बीज उत्पादन से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. इससे पूर्वोत्तर राज्यों की कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक सामग्री आसानी से मिल सकेगी.
मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के कई किसान दुर्गम क्षेत्रों में खेती करते हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सुविधाओं तक पहुंच सीमित रहती है. इसे देखते हुए उन्होंने सीड विलेज कार्यक्रम और सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मैटेरियल के तहत बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और बीज वितरण के लिए अधिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.
वांगसू ने कहा कि प्रमाणित बीजों की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होती है और कई किसान उन्हें खरीदने में सक्षम नहीं होते. इसलिए पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वे बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों का इस्तेमाल कर सकें और उत्पादन बढ़ा सकें.
सतत कृषि को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में बड़ी मात्रा में खेती पहले से ही प्राकृतिक और जैविक स्वरूप में की जाती है. राज्य अब जैव आधारित फसल संरक्षण उपायों को और बढ़ावा देना चाहता है. इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत ऑर्गेनिक और बायो-बेस्ड फसल संरक्षण के लिए अलग योजना शुरू करने का सुझाव भी दिया. (पीटीआई)
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