
मूंग की खेतीखरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसान ऐसी फसलों की तलाश में हैं, जो कम लागत में अच्छा मुनाफा दे सकें. ऐसी ही एक बेहतरीन दलहनी फसल है मूंग, जिसे हरा चना भी कहा जाता है. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाती है, बल्कि खेत की सेहत सुधारने में भी मदद करती है. ऐसे में अगर आप भी इस खरीफ सीजन में मूंग की खेती करने की सोच रहे हैं, तो मूंग 'विराट'(IPM 205-7) किस्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है. यह उन्नत किस्म बेहतर उत्पादन क्षमता और अच्छी क्वालिटी के लिए जानी जाती है. अच्छी बात यह है कि अब किसान इस किस्म के बीज को ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं और घर बैठे अपनी खेती की तैयारी कर सकते हैं.
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा दलहनी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन मूंग का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं.
मूंग की IPM 205-7 (विराट) किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह कम समय में तैयार होने वाली और अच्छी पैदावार देने वाली उन्नत किस्म है. इसे भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR), कानपुर द्वारा विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल 52 से 56 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसान कम समय में फसल लेकर अगली खेती की तैयारी कर सकते हैं. यह किस्म सामान्यतः 10 से 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देने की क्षमता रखती है. विराट किस्म मूंग येलो मोजेक वायरस (MYMV) जैसी खतरनाक बीमारी के प्रति प्रतिरोधी मानी जाती है, जिससे फसल को नुकसान कम होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है.

अगर आप भी मूंग की IPM 205-7 (विराट) किस्म की खेती करना चाहते हैं, तो इस किस्म के बीज का 4 किलो का पैकेट फिलहाल 6 फीसदी की छूट के साथ 800 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से मूंग की खेती कर सकते हैं. साथ ही अच्छी कमाई भी कर सकते हैं.
मूंग की खेती के लिए खेत की तैयारी बहुत महत्वपूर्ण है. बुवाई के पहले खेत की दो से तीन बार जुताई करें. उसके बाद ढेलों को कुचलने और खरपतवारों को नष्ट करने के लिए हल्की जुताई करें. मूंग दाल के बीज बोने की विधि में मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए. खरीफ की बुवाई के लिए पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी और पंक्ति की दूरी 30 सेमी रखने की सलाह दी जाती है. साथ ही खरीफ मूंग की खेती के लिए सबसे अच्छा समय बरसात का होता है. बता दें कि खरीफ में मूंग की बुवाई जून के आखिरी हफ्ते और जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में की जाती है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today