Grapes Price: बाजार में 80 रुपये क‍िलो अंगूर का भाव, तो क‍िसानों को म‍िल रहा बस इतना रेट

Grapes Price: बाजार में 80 रुपये क‍िलो अंगूर का भाव, तो क‍िसानों को म‍िल रहा बस इतना रेट

देश के प्रमुख अंगूर उत्पादक महाराष्ट्र में अंगूर का भाव काफी कम म‍िल रहा है. इसल‍िए वो परेशान हैं. अंगूर उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष कैलाश भोसले का कहना है कि बांग्लादेश ने इस साल इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है, इसकी वजह से भी भारतीय क‍िसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है.

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Grapes Price: बाजार में 80 रुपये क‍िलो अंगूर का भाव, तो क‍िसानों को म‍िल रहा बस इतना रेटअंगूर की कीमतों मे आई गिरावट

महाराष्ट्र में क‍िसानों को अपनी फसलों का कम दाम म‍िलने का स‍िलस‍िला बंद नहीं हो रहा है. प्याज की चर्चा तो बहुत हो चुकी है. सोयाबीन और कपास उत्पादक भी कम भाव म‍िलने की समस्या से परेशान हैं. अब हम बात करते हैं अंगूर की, जो इस समय आप 80 से 100 रुपये प्रत‍ि क‍िलो के दाम पर खरीद रहे हैं. लेक‍िन क्या आपको पता है क‍ि इसकी खेती करने वाले क‍िसानों को क‍ितना भाव म‍िल रहा है. उन्हें 20 रुपये प्रत‍ि क‍िलो के भाव पर अंगूर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है. क‍िसानों की म‍ेहनत पर ब‍िचौल‍िया अच्छी कमाई कर रहे हैं. 

पहले क‍िसानों को प्रकृत‍ि मार रही है और फ‍िर बाजार का स‍िस्टम. ज‍िसमें क‍िसानों की बजाय ब‍िचौल‍िए पैसा कमा रहे हैं.  महाराष्ट्र बड़ा अंगूर उत्पादक प्रदेश है. यहां के नास‍िक में बड़े पैमाने पर अंगूर की खेती की जाती है. इसके अलावा सोलापुर और सांगली जिले में भी काफी क‍िसान इसकी खेती से जुड़े हुए हैं. लेक‍िन उन्हें इस वक्त अंगूर का सही दाम नहीं म‍िल पा रहा है. कम कीमत की वजह से वो निराश हैं. 

लागत न‍िकलना भी मुश्क‍िल 

नासिक जिले में अंगूर की खेती करने वाले संजय साठे ने क‍िसान तक से बातचीत में बताया कि इस साल किसानों अंगूर का सिर्फ 20 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है. जबक‍ि बेमौसम बारिश के कारण अंगूर के बागों को भारी नुकसान हुआ था. उससे उपज कम है. अंगूर की खेती में प्रति एकड़ 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, ऐसे में इस भाव पर तो लागत भी नहीं न‍िकल पा रही है. अंगूर की खेती में बहुत मेहनत करनी होती है. कम से 50-60 रुपये प्रत‍ि क‍िलो का भाव तो म‍िलना ही चाह‍िए. 

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क्या कम दाम की ये भी है वजह

महाराष्ट्र राज्य अंगूर उत्पादक संगठन के उपाध्यक्ष कैलाश भोसले ने किसान तक से बातचीत में कहा क‍ि किसानों को इस बार पिछले साल के मुकाबले 20 से 25 रुपये प्रत‍ि क‍िलो कम भाव म‍िल रहा है. यह च‍िंता की बात है. बांग्लादेश में यहां का अंगूर एक्सपोर्ट होता था तो उसकी वजह से दाम कुछ ऊंचा रहता था. लेक‍िन इस साल बांग्लादेश ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है. ज‍िससे एक्सपोर्ट ड‍िस्करेज हो रहा है. इसका असर क‍िसानों की आय पर पड़ रहा है.  

किसानों को डबल नुकसान 

भोसले का कहना है कि राज्य में कुछ दिन पहले हुई बेमौसम बारिश से अंगूर के बागों को भारी नुकसान हुआ है. बागों में बार‍िश का पानी जमा होने के कारण अंगूर खराब हो गए हैं. जो अंगूर बच गए हैं उन्हें दाम नहीं म‍िल रहा है. राज्य सरकार किसानों की इस समस्या के प्रत‍ि ध्यान नहीं दे रही है. नाशिक जिले में बारिश के बाद सिर्फ कुछ जगहों पर पंचनामा हुआ था, उसके बाद 
पंचनमा बंद कर दिया गया. किसानों को न मुआवजा मिला और न तो मंडी में उचित भाव.

 

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