महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. करीब एक घंटे चली बैठक में पानी, खेती और पशुओं के चारे की स्थिति पर चर्चा हुई.
महाराष्ट्र में कम बारिश से सूखे की स्थिति के बीच बीड की सभी 11 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. मंत्री पंकजा मुंडे ने किसानों को दिवाली पर राहत का भरोसा दिया है. वहीं, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने 16 अक्टूबर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 10 फीसदी पानी कटौती लागू करने की जानकारी दी है.
महाराष्ट्र के जालना में बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ गई है. जामवाड़ी इलाके में बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल सूखने लगी है. किसान फसल खराब होने और उत्पादन घटने की आशंका से परेशान हैं.
बीड के मांजरा क्षेत्र में फसल बर्बादी से नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने सूखी सोयाबीन की फसल और सरकारी जीआर की होली जलाकर विरोध जताया. किसानों ने सोयाबीन नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50 हजार और गन्ना किसानों के लिए एक लाख रुपये की सहायता की मांग की.
महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दायरा बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सूखे के तय मानकों से बाहर रह गए इलाकों में भी वास्तविक फसल नुकसान की जांच की जाएगी. इसके लिए मंडल स्तर तक सर्वे कराया जाएगा और नुकसान के आधार पर किसानों को राहत देने पर फैसला होगा.
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र सरकार पर सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची में राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि पहली सूची में 33 में से 28 मंत्रियों के तालुके शामिल हैं, जबकि विपक्षी क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया.
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को देखते हुए सरकार ने 11 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. उन्हें फील्ड में जाकर फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है और राहत का फैसला विस्तृत सर्वे के बाद होगा.
महाराष्ट्र सरकार सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले राहत देने की तैयारी कर रही है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नांदेड़ में फसल नुकसान का सटीक आकलन कराने के निर्देश दिए. राज्य की 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है.
महाराष्ट्र के बीड़ में गन्ना किसानों ने आगामी पेराई सत्र में बिना कटौती 4,250 रुपये प्रति टन की पहली किस्त और 5,000 रुपये प्रति टन अंतिम भाव देने की मांग उठाई है. किसान सभा और शेतकरी संगठनों ने जिले की चीनी मिलों को ज्ञापन देकर भाव पहले घोषित करने की मांग की है. सूखे से हुए नुकसान के लिए किसानों ने प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये सहायता की मांग भी उठाई है.
महाराष्ट्र के जालना में बारिश की कमी का असर सोयाबीन की फसल पर दिखाई दे रहा है. कई खेतों में सोयाबीन की फसल सूखने लगी है और दाने ठीक से नहीं भर पा रहे हैं. इससे उत्पादन घटने और खेती की लागत भी नहीं निकलने की चिंता किसानों को सता रही है.
महाराष्ट्र में बारिश की कमी से गन्ने की बढ़वार प्रभावित हुई है. किसानों को शुगर रिकवरी गिरने का डर है, जबकि पूर्व चीनी आयुक्त संजय भोसले के मुताबिक रिकवरी 10 फीसदी से नीचे जाने की संभावना नहीं है. राज्य का चीनी उत्पादन 80-85 लाख टन तक रहने का अनुमान है.
महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में बारिश के लंबे अंतराल से सोयाबीन किसानों की परेशानी बढ़ गई है. उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा लिया और किसानों से उनकी समस्याएं सुनीं. शिंदे ने कहा कि किसानों पर संकट बड़ा है, इसलिए सरकार भी बड़ी मदद करेगी.
महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव में कम बारिश से फसल संकट के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. लातूर में एक किसान फसल नुकसान और आर्थिक परेशानी बताते हुए भावुक हो गया, जिस पर फडणवीस ने उसे गले लगाकर मदद का भरोसा दिया.
महाराष्ट्र के यवतमाल में बारिश की कमी से सोयाबीन और कपास की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. पुसद तहसील के किसानों ने फसल नुकसान, आर्थिक संकट और रोजगार की कमी को लेकर चिंता जताई है. किसानों ने एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर राहत और फसल बीमा का लाभ देने की मांग की है.
अकोला में शिवसेना यूबीटी के नेतृत्व में किसानों ने सूखे और फसल नुकसान को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला. किसानों ने अकोला समेत अमरावती विभाग के पांच जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने और मुआवजा देने की मांग की.
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में बारिश की कमी से सोयाबीन और कपास की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. दाभड़ गांव के किसान आत्माराम टेकाले का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि उनके खेत से एक किलो सोयाबीन निकालकर दिखाएं, बदले में गांव वाले एक क्विंटल काजू-बादाम देंगे. किसान ने सरकार से जल्द मदद की मांग की है.
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शनिवार से पहले पहली अधिसूचना जारी की जाएगी. बुधवार से फसलों के पंचनामे शुरू होंगे. मक्का और कपास को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शेवगांव तालुका में बारिश की कमी से कपास और बाजरे की फसलें प्रभावित हुई हैं. टलणी गांव के किसान राजाभाऊ सातपुते की तीन एकड़ फसल खराब हो गई है.
महाराष्ट्र में कम बारिश से प्रभावित इलाकों में सूखे की स्थिति का तीन चरणों में आकलन किया जाएगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहत उपाय शुरू कर दिए गए हैं और 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का औपचारिक सर्वे कराया जाएगा.
महाराष्ट्र में आगामी गन्ना पेराई सीजन के दौरान चीनी उत्पादन करीब 20 फीसदी घटकर 80 लाख टन रहने का अनुमान है. WISMA चेयरमैन भैरवनाथ थोम्ब्रे के मुताबिक, बारिश की कमी से गन्ने की प्रति एकड़ पैदावार 30-40 फीसदी तक घट रही है.
महाराष्ट्र के बीड जिले में कमजोर मॉनसून से खेती और पशुधन पर संकट बढ़ गया है. जिले में 8.55 लाख से अधिक मवेशियों के लिए करीब 100 दिनों का ही चारा बचा है. कई तालुकों में यह स्टॉक 21 से 76 दिनों तक सीमित है.
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