Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में फिर बदली गेहूं खरीद की तारीख, पहले छोटे-सीमांत किसानों को मिलेगा मौका

Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में फिर बदली गेहूं खरीद की तारीख, पहले छोटे-सीमांत किसानों को मिलेगा मौका

Madhya Pradesh Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख में फिर बदलाव किया गया है, अब 9 अप्रैल से MSP पर खरीद शुरू होगी. सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने और बोनस के साथ बेहतर दाम देने का फैसला किया है, साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश भी जारी किए हैं.

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Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में फिर बदली गेहूं खरीद की तारीख, पहले छोटे-सीमांत किसानों को मिलेगा मौकासरकारी गेहूं खरीदी पर बड़ा अपडेट (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीदी तय तारीख 10 अप्रैल से पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से ही शुरू कर दी जाएगी. इस कदम को किसानों को समय पर राहत देने और खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले यह खरीद 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 1 अप्रैल किया गया, फिर 10 अप्रैल. लेकिन अब फाइनल तारीख 9 अप्रैल यानी कल गुरुवार से खरीद शुरू हो जाएगी.

छोटे और सीमांत किसानों को पहले मौका

राज्‍य सरकार ने साफ किया है कि खरीदी की शुरुआत में पंजीकृत छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, ताकि केंद्रों पर भीड़ कम रहे और किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े.

किसानों को 40 रुपये बोनस का लाभ मिलेगा

बता दें कि रबी मार्के‍टिंग सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए इस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़ते हुए कुल खरीदी दर 2,625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है.

खरीदी व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में खरीदी व्यवस्था की लगातार निगरानी करें. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. खरीदी केंद्रों पर आवश्यक इंतजाम पूरे करने पर भी जोर दिया गया है.

बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था का दावा

सरकार की ओर से बताया गया है कि इस बार खरीदी के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है. इससे पिछले वर्षों में सामने आई कमी की समस्या से बचने की कोशिश की जा रही है.

एमपी-यूपी सहयोग से बाजार और निर्यात पर फोकस

मुख्यमंत्री ने हाल ही में वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया है. इसमें ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’, जीआई टैग उत्पाद और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई.

सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को भी बढ़ावा

वाराणसी में आयोजित ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सांस्कृतिक संबंध मजबूत होते हैं, साथ ही पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलता है. (एएनआई)

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