मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का लक्ष्य पूरा (फाइल फोटो)मध्य प्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 100 प्रतिशत के लक्ष्य को पार कर गई है. राज्य में सरकारी खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर चुकी है और खरीदी प्रक्रिया अभी भी जारी है. हालांकि, अब सिर्फ उन्हीं किसानों को फसल बेचने का मौका मिलेगा, जिन्होंने पहले से स्लॉट बुक किया हुआ है. राज्य सरकार ने ऐसे किसानों के लिए खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी है. प्रदेश में अब तक 13.10 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा चुका है.
इस आंकड़े के साथ मध्य प्रदेश देश में सबसे अधिक किसानों से गेहूं खरीदी करने वाला राज्य बन गया है. वहीं गेहूं खरीदी की मात्रा के मामले में प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कोविड काल को छोड़ दें तो पिछले 10 वर्षों में इस बार समर्थन मूल्य पर सबसे ज्यादा गेहूं खरीदा गया है.
मंत्री ने कहा कि पहले गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन तय किया गया था, लेकिन बढ़े हुए उत्पादन और आवक को देखते हुए सीएम के आग्रह पर केंद्र ने इसे बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया था. मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार खरीदी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उन्होंने कई खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर तौल, बारदाना और किसानों के लिए जरूरी सुविधाओं की स्थिति भी देखी. इसके साथ किसानों से भुगतान और व्यवस्थाओं को लेकर सीधा फीडबैक भी लिया गया.
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि सरकार की ओर से अब तक किसानों को खरीदे गए गेहूं का 20,680.83 करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान किया जा चुका है. किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है, जिसमें 2585 रुपये समर्थन मूल्य और 40 रुपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार का बोनस शामिल है. भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के लिए रसीद जारी करने का समय रात 12 बजे तक बढ़ाया गया है.
मंत्री ने कहा कि इस सीजन में किसानों की भीड़ को संभालने के लिए खरीदी केंद्रों पर कई व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए. तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 तक की गई और जरूरत के हिसाब से जिलों को अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने की अनुमति दी गई. तौल पर्ची जारी करने का समय भी शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया. इसके अलावा केंद्रों पर पीने के पानी, छायादार बैठने की जगह, बारदाना, सिलाई मशीन, गुणवत्ता जांच उपकरण और सफाई के लिए पंखे व छलनी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
सरकार ने साफ किया है कि अब केवल वही किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे, जिन्होंने पहले से स्लॉट बुक कर लिया है. ऐसे किसानों के लिए खरीदी की अवधि 28 मई तक बढ़ाई गई है, ताकि किसानों की उपज खरीदी जा सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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