संभाजीनगर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनमहाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में किसानों की समस्याओं को लेकर शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार आंदोलन किया. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और एनसीपी कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान किसानों और नेताओं ने अपने गले में प्याज की माला पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया. किसानों का कहना था कि सरकार ने उनसे कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है.
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि इस समय प्याज के दाम बहुत ज्यादा गिर गए हैं. किसानों का कहना है कि बाजार में प्याज का भाव इतना कम हो गया है कि खेत से मंडी तक प्याज पहुंचाने का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है. कई किसानों ने कहा कि उन्होंने खेती के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब फसल का सही दाम नहीं मिलने के कारण कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है. किसानों के मुताबिक खेती करना दिन-ब-दिन घाटे का सौदा बनता जा रहा है.
आंदोलन में शामिल नेताओं ने कहा कि एक तरफ किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. किसानों का कहना है कि रासायनिक खाद का एक बोरा करीब 4500 रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे में खेती की लागत बहुत बढ़ गई है. किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.
पूर्व विधायक संजय वाघ चोरे ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कई परिवार परेशान हैं. उन्होंने सरकार से किसानों का कर्ज माफ करने और फसलों का उचित दाम तय करने की मांग की. उनका कहना था कि अगर किसानों को समय पर मदद नहीं मिली, तो उनकी हालत और खराब हो सकती है.
शरद पवार गुट के नेता अयूब पटेल ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर खेती पर भी पड़ रहा है. किसानों को खेतों में काम करने और माल बाजार तक पहुंचाने में ज्यादा खर्च उठाना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों से खर्च कम करने की बात करती है, लेकिन खुद बड़े स्तर पर खर्च कर रही है.
प्रदर्शन कर रहे किसानों और नेताओं ने सरकार से जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है. किसानों ने कर्ज माफी लागू करने, प्याज समेत दूसरी फसलों को सही समर्थन मूल्य देने और खेती की लागत कम करने की मांग उठाई. किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और बड़ा हो सकता है.
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