शाजापुर में 10 दिन से नहीं हुई बारिश, सोयाबीन की फसल पर मंडराया संकट, किसानों की बढ़ी चिंता

शाजापुर में 10 दिन से नहीं हुई बारिश, सोयाबीन की फसल पर मंडराया संकट, किसानों की बढ़ी चिंता

मध्य प्रदेश के शाजापुर में पिछले 10 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन की फसल संकट में है. खेतों की मिट्टी सूखने लगी है और पौधे मुरझा रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगले 5 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है और दोबारा बुवाई की नौबत आ सकती है.

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शाजापुर में 10 दिन से नहीं हुई बारिश, सोयाबीन की फसल पर मंडराया संकट, किसानों की बढ़ी चिंतासोयबीन की खेती पर मंडराया खतरा (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पिछले करीब 10 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है. मॉनसून की लंबी खिंचाई का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है. पहली अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बड़े पैमाने पर सोयाबीन की बुवाई की थी. उस समय किसानों को उम्मीद थी कि आगे भी अच्छी बारिश होगी और फसल अच्छी तैयार होगी. लेकिन अब लगातार सूखे मौसम और तेज धूप ने उनकी उम्मीदों पर चिंता की परत चढ़ा दी है. 

बारिश नहीं होने से सूखने लगी खेतों की मिट्टी

लगातार बारिश नहीं होने की वजह से खेतों की मिट्टी में नमी तेजी से कम हो रही है. कई खेतों में मिट्टी सूखकर फटने लगी है और जगह-जगह बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं. मिट्टी में नमी खत्म होने का सबसे ज्यादा असर सोयाबीन की फसल पर पड़ रहा है. छोटे-छोटे पौधों को बढ़ने के लिए इस समय पानी की जरूरत होती है, लेकिन पानी नहीं मिलने से पौधे कमजोर पड़ने लगे हैं.

मुरझाने लगे सोयाबीन के छोटे पौधे

किसानों का कहना है कि जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक हरे-भरे पौधे दिखाई दे रहे थे, अब वहां कई पौधे मुरझाने लगे हैं. तेज धूप और गर्म मौसम के कारण पौधों की बढ़वार रुक रही है. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है. इससे किसानों की मेहनत और खेती पर लगाया गया पैसा भी प्रभावित होगा.

अगले 5 दिन किसानों के लिए बेहद अहम

किसानों का कहना है कि आने वाले पांच दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं. यदि इस दौरान अच्छी बारिश हो जाती है तो फसल को बचाया जा सकता है. लेकिन अगर बारिश नहीं हुई तो कई खेतों में सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब होने का खतरा है. ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी.

कृषि विशेषज्ञों ने समय पर बारिश को बताया जरूरी

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सोयाबीन की फसल के शुरुआती दिनों में मिट्टी में पर्याप्त नमी होना बहुत जरूरी है. अगर इस समय लगातार सूखा बना रहता है तो पौधों का विकास रुक सकता है और उत्पादन भी कम हो सकता है. इसलिए समय पर बारिश होना किसानों और फसल दोनों के लिए बहुत जरूरी है.

बारिश का इंतजार कर रहे किसान

शाजापुर के किसान अब हर दिन आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. उन्हें भरोसा है कि जल्द बारिश होगी और उनकी फसल को नया जीवन मिलेगा. किसानों का कहना है कि अगर समय पर पानी मिल गया तो फसल संभल सकती है, लेकिन बारिश में ज्यादा देरी हुई तो नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा.

मॉनसून की चाल पर टिकी किसानों की उम्मीद

फिलहाल शाजापुर में सोयाबीन की खेती पूरी तरह मॉनसून पर निर्भर है. बारिश की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर मौसम के अगले पूर्वानुमान पर है. यदि जल्द अच्छी बारिश होती है तो फसल को बचाया जा सकता है, लेकिन बारिश में और देरी होने पर जिले के हजारों किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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