छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बाढ़ का खतरा! रायगढ़ में दर्जनों गांवों में खेत जलमग्‍न, धान फसल चौपट होने की आशंका

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बाढ़ का खतरा! रायगढ़ में दर्जनों गांवों में खेत जलमग्‍न, धान फसल चौपट होने की आशंका

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी उफान पर है. रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कई गांव प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में खेत जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है.

Advertisement
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बाढ़ का खतरा! रायगढ़ में दर्जनों गांवों में खेत जलमग्‍न, धान फसल चौपट होने की आशंकानदी का जलस्‍तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्‍न

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है. गंगरेल बांध सहित अन्य जलाशयों के भर जाने पर उनके गेट खोले गए हैं, जिससे महानदी और मांड नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन ने रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कई गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है. एहतियात के तौर पर महानदी किनारे बसे पांच से अधिक गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

रायगढ़ के कई गांव बाढ़ की चपेट में आए

गंगरेल बांध से छोड़े गए पानी का असर अब रायगढ़ जिले में साफ दिखाई दे रहा है. सरिया और पुसौर विकासखंड के दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए प्रभावित गांवों की संख्या और बढ़ सकती है. संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है.

ग्रामीणों ने बताया तेजी से बढ़ रहा है पानी

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, गुरुवार शाम से महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. उनका कहना है कि शाम करीब चार बजे के बाद नदी का पानी हर घंटे कई फीट तक बढ़ता रहा और शुक्रवार सुबह भी यही स्थिति बनी रही. सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पडिगांव, लिप्ती, चंगोरी, सिंघपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली सहित कई गांवों तक नदी का पानी पहुंच चुका है. सुरक्षा के मद्देनजर कुछ गांवों में लोगों को मकान खाली करने की सलाह दी गई है और नदी किनारे बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है. कई संपर्क मार्ग डूबने से आधा दर्जन गांवों का सड़क संपर्क भी टूट गया है.

खेतों में घुसा पानी, धान की फसल पर संकट

बाढ़ का पानी गांवों के साथ-साथ खेतों में भी पहुंच गया है. सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. आवागमन और दैनिक जीवन भी प्रभावित होने लगा है. महानदी में बढ़े जलस्तर का असर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पोरथ धाम पर भी दिखाई दे रहा है, जहां मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया है. अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

रायगढ़ के एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि महानदी किनारे स्थित जिले के आठ गांवों में अलर्ट जारी किया गया है और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि ओडिशा के हीराकुंड बांध के दो गेट खोले जाने की सूचना है, जिससे आगे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. इसके बावजूद प्रशासन लोगों से सतर्क रहने, नदी के किनारे न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है.

POST A COMMENT