छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंत्री रामविचार नेताम ने 29 एकड़ में हो रही सफल मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मखाना खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनेगी। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन को सशक्त बनाने के निर्देश दिए
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में 250 किसानों ने वैज्ञानिक तरीके से हल्दी की खेती शुरू की है। प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एफपीओ आधारित विपणन मॉडल के जरिए किसानों को बेहतर दाम दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह अहम पहल मानी जा रही है।
अल नीनो और अनियमित बारिश के दौर में कोदो-कुटकी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन रही हैं.कम पानी और कम लागत में उगने वाली इन मिलेट फसलों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने से किसानों की आय बढ़ने की नई संभावनाएं खुल रही हैं.
छत्तीसगढ़ के मल्हार के प्रगतिशील किसान जदुनंदन वर्मा ने जैविक सब्जियों और एप्पल की खेती से नई पहचान बनाई है. एक एकड़ में जैविक सब्जियों से सालाना करीब 2 लाख रुपये की आय अर्जित करने वाले जदुनंदन पिछले 10 वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं.
कृषक उन्नति योजना से मिली 62 हजार रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि ने सूरजपुर के किसान घासी राम के जीवन में खुशहाली की नई राह खोली.बोनस राशि से उन्होंने पक्का घर बनाया, बच्चों की शिक्षा और परिवार की जरूरतों को पूरा कर आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य की नींव रखी.
बिलासपुर के सलखा ग्राम के आदिवासी किसान अमृत सिंह ने धान की पारंपरिक खेती छोड़ केले की उन्नत खेती अपनाकर अपनी आय पांच गुना बढ़ा ली.राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्होंने खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया.
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