बिहार में एमएसपी पर होगी सरसों की खरीदबिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए रबी सीजन 2026 के लिए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए राम कृपाल यादव ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत बिहार के किसानों से निर्धारित मात्रा में फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाएगी.
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत खरीद का विवरण इस प्रकार है:
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में "हमारी सरकार किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मंजूरी से राज्य के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी और उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर नहीं बेचनी पड़ेगी."
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार जल्द ही खरीद केंद्रों के माध्यम से इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करेगी ताकि समयबद्ध तरीके से किसानों को MSP का लाभ मिल सके. भारत सरकार की इस कार्रवाई के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ साथ केंद की सरकार का आभार भी व्यक्त किया.
बता दें कि 1 अप्रैल को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई बैठक में राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव शामिल हुए थे, जहां उन्होंने कृषि को लेकर विशेष पैकेज की मांग की. वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से राज्य की जरूरत को देखते हुए विशेष कृषि विकास पैकेज देने का आश्वासन दिया गया.
अभी हाल में सरकार ने ऐलान किया कि बिहार में पहली बार एमएसपी पर मसूर की खरीद की जाएगी. नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) इस रबी सीजन में लगभग 32,000 मीट्रिक टन मसूर दाल, सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7,000 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदने की तैयारी कर रहा है.
यह पहली बार है जब केंद्रीय खरीद एजेंसी राज्य के खेतों से सीधे MSP पर मसूर दाल खरीदेगी. अब तक, बिहार में केवल धान और गेहूं को ही इस तरह की पक्की खरीद का फायदा मिलता था. यह कदम केंद्र सरकार से मिली तुरंत मंजूरी के बाद उठाया गया है. राज्य ने 11 फरवरी को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान इस मामले में दखल की मांग की थी.
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