मुजफ्फरपुर के ‘मैंगो मैन’ रामकिशोर सिंह ने ‘नागेंद्र भोग’ नाम की खास आम की वैरायटी तैयार की है. यह आम अपने बड़े आकार, स्वाद और खासियत की वजह से तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
बिहार में सब्जी किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में 100 करोड़ रुपये के समझौते हुए हैं. ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ अभियान को इससे बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है. राज्य की चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का 99.14 फीसदी भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है. बाकी बकाया राशि जारी करने की प्रक्रिया जारी है.
बिहार की शाही लीची बाजारों में पहुंचने लगी है, लेकिन इस बार उत्पादन में 60–70% तक गिरावट आई है. लागत बढ़ने के बावजूद पश्चिम बंगाल की सप्लाई के कारण कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ पाई हैं.
मुजफ्फरपुर की शाही लीची न सिर्फ स्वाद के लिए मशहूर है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आमदनी का बड़ा जरिया बन गई है. सीजन में महिलाएं रोज 300 से 1000 रुपये तक कमा रही हैं.
भीषण गर्मी में धान की नर्सरी को बचाना किसानों के लिए इन दिनों बेहद मुश्किल हो रहा है .नर्सरी में भरा जा रहा पानी काफी गर्म हो जा रहा है जिसके चलते अंकुरण पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है. ऐसे में किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों की यह सलाह बहुत काम की है.
बिहार में मोथा तूफान और बेमौसम बारिश के कारण इस साल खाद्यान्न उत्पादन में गिरावट का अनुमान लगाया गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
अप्रैल के अंत से बिहार में बदले मौसम का असर मई की शुरुआत में भी जारी है. पटना समेत उत्तर बिहार के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी दी है, जिससे आम और लीची की फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
Bihar में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर चना, सरसों और मसूर की खरीद शुरू होने जा रही है. अब तक Food Corporation of India जैसी केंद्रीय एजेंसियां राज्य में इन फसलों की खरीद नहीं करती थीं, जिसका मुख्य कारण विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली (DCP) और केंद्र-राज्य के बीच MoU का अभाव था. नई व्यवस्था से किसानों को बेहतर दाम और बाजार का भरोसा मिलने की उम्मीद है.
केंद्र सरकार ने बिहार में रबी सीजन 2026 के लिए चना, मसूर और सरसों की MSP पर खरीद को मंजूरी दे दी है. PSS योजना के तहत किसानों से निर्धारित मात्रा में फसल खरीदी जाएगी, जिससे उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी. खास बात यह है कि राज्य में पहली बार MSP पर मसूर की खरीद की जाएगी, जिसे NAFED द्वारा 7000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा.
बिहार ने केंद्र से विशेष कृषि पैकेज की मांग की है. MSP पर मसूर खरीद शुरू होने के बाद अब चना और सरसों की खरीद का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर है.
बिहार में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार ने 36 जिलों में क्षति का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.
Muzaffarpur में लीची के बेहतर मंजर और अनुकूल मौसम के चलते शहद उत्पादन में तेजी आई है. देशभर से पहुंचे मधुपालक लीची के फूलों से उच्च क्वालिटी वाला शहद तैयार कर रहे हैं, जिससे किसानों को परागण के जरिए बेहतर पैदावार और अतिरिक्त आय दोनों का लाभ मिल रहा है.
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026 में विशेषज्ञों ने बिहार में गन्ना क्षेत्र बढ़ाने, बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और मिट्टी के बढ़ते पीएच जैसी समस्याओं पर चर्चा की. वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, नई तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती अपनाने पर जोर दिया.
Bihar News: बिहार में मक्का किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. गिरती कीमतों और इथेनॉल फैक्ट्रियों के बंद होने से किसान बुरी तरह प्रभावित हैं. इस बीच, किसान संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है. पढ़ें पूरी खबर...
पटना के गांधी मैदान में 6 से 8 फरवरी तक तीन दिवसीय बागवानी महोत्सव का आयोजन होगा. किसानों को फल, फूल और सब्जी की आधुनिक खेती, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता और बिक्री का अवसर मिलेगा.
इथेनॉल नीति में बदलाव से बिहार के मक्का किसान संकट में हैं. 60 परसेंट मक्का और 40 परसेंट चावल की शर्त ने मक्के की मांग आधी कर दी, MSP से नीचे गिरते दामों ने किसानों को सड़कों पर ला खड़ा किया.
बिहार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद को लेकर बड़ा आश्वासन दिया है. सरकार का कहना है कि किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है और लंबित भुगतानों का निपटारा FIFO सिस्टम के तहत प्राथमिकता से किया जाएगा.
Bihar Tomato Purchase: वेजफेड की नई व्यवस्था से बिहार के टमाटर उत्पादक किसानों को सही दाम मिलने की उम्मीद बढ़ी है. राज्य भर के सब्जी संघ और पीवीसीएस मिलकर किसानों से टमाटर खरीदेंगे और प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाएंगे. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. पढ़ें पूरी खबर...
मखाना क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों का बनेगा अब लेबर कार्ड. कृषि विभाग ने जारी किया आदेश. मखाना उत्पादन को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण से विकसित करने पर सुझाव. पटना कृषि भवन में राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन.
किसान बोले, बकाया पेमेंट से खेती छोड़ी. इंडस्ट्री का तर्क कि महंगी खेती और कम चीनी दाम से मिलें बंद हुईं. एक्सपर्ट्स ने सरकारी उदासीनता, पुरानी वैरायटी और कमजोर तकनीक को बताया बड़ी वजह.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today