एक पोल्ट्री फार्म के दड़बे में बंद अंडा देने वालीं लेयर बर्ड. सबसे ज्यादा अंडे देने वाली मुर्गी के बारे में कुछ बातें जानने से पहले यह जान लेना बेहद जरूरी है कि मुर्गी किसी भी नस्ल की हो वो रोजाना लगातार अंडा नहीं देती है. सबसे ज्यादा अंडे देने वाली जिस मुर्गी के बारे में हम बात करने जा रहे हैं वो भी नहीं. पोल्ट्री एक्स पर्ट के मुताबिक यह भी सौ फीसद सच है कि मुर्गी से किसी भी तरह, फिर वो चाहें दवाई हो या फीड की हाई डोज देकर भी रोजाना अंडा नहीं लिया जा सकता है. हम जिस मुर्गी की बात कर रहे हैं, इसीलिए उसे कृषि लेयर बर्ड भी कहा जाता है.
अंडे की तरफ लोगों को जागरुक करने और अंडे की खपत बढ़ाने के लिए टीवी पर विज्ञापन की मदद से ‘संडे हो या मंडे, रोज खाएं अंडे’ का नारा दिया जाता है. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (एनईसीसी) इस एड को चलवाती है. पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक आंकड़े के मुताबिक देश में 28 करोड़ मुर्गियां अंडे की डिमांड को पूरा करती हैं.
लेअर बर्ड के अलावा और अंडे देने वाली जो मुर्गियों की नस्ल हैं उन्हें देसी मुर्गी भी कहा जाता है. देसी मुर्गियों की 8 ऐसी नस्ल हैं जो अंडे देती हैं. जैसे वनश्री एक साल में 180 से 190 तक अंडे देती है. इसके अलावा ग्रामप्रिया 160 से 180, निकोबरी 160 से 180, कड़कनाथ 150 से 170, सरहिंदी 140 से 150, घागुस 100 से 115, वनराजा 100 से 110 अंडे देती है. असील मुर्गियों की एक ऐसी नस्ल है जो सालभर में 60 से 70 अंडे देती है.
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