Milk Production: यूपी से छिन सकती है दूध उत्पादन में नंबर वन की बादशाहत, राजस्थान बनेगा चुनौती 

Milk Production: यूपी से छिन सकती है दूध उत्पादन में नंबर वन की बादशाहत, राजस्थान बनेगा चुनौती 

Milk Production देश के कुल दूध उत्पादन में यूपी और राजस्थान की बडी हिस्सेदारी है. इस मामले में यूपी नंबर वन है. लेकिन दूध उत्पादन के आंकड़ों में दोनों के बीच कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है. दूध उत्पादन और चारा उत्पादन के आंकड़ों की बात करें तो राजस्थान कभी भी यूपी को पीछे छोड़ सकता है. यूपी में चारे की कमी का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. 

Advertisement
Milk Production: यूपी से छिन सकती है दूध उत्पादन में नंबर वन की बादशाहत, राजस्थान बनेगा चुनौती Adulterated milk racket busted in Gujarat; 1,370 litres of milk destroyed

बीते कई साल से देश में यूपी दूध उत्पादन में नंबर वन बना हुआ है. कुल दूध उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रहती है. साल 2025 में भी यूपी नंबर वन रहा है. सिर्फ साल 2022 में यूपी को पीछे छोड़ते हुए राजस्थान नंबर वन की पोजिशन पर आ गया था. रिकॉर्ड देखें तो कई साल से राजस्थान दूसरे स्थान पर बना हुआ है. लेकिन जल्द ही ये आंकड़े बदल सकते हैं. अगर यूपी में पशुओं के चारे पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो यूपी से दूध उत्पादन में नंबर वन की बादशाहत छिन सकती है.

राजस्थान लगातार यूपी को चुनौती दे रहा है. यूपी में चारा फसल उत्पादन का रकबा घट रहा है. चारागाह भी छोटी होती जा रही हैं. जबकि चारा उत्पादन और चारागाह के मामले में राजस्थान यूपी से बहुत आगे हैं. खुद यूपी सरकार की रिपोर्ट बताती है कि उनके यहां चारा फसल बीज की बहुत कमी है. बीज की जरूरत के हिसाब से उपलब्धता बहुत ही कम है.  

यूपी में घट रहा चारा उत्पादन 

केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की साल 2025 की रिपोर्ट बताती है कि यूपी में चारा उत्पादन घट रहा है. चारा फसल उत्पादन का रकबा आधे से भी कम रह गया है. इतना ही नहीं पशुओं के चरने के लिए सरकारी जमीन पर जो चारागाह बनी हुई हैं वो भी छोटी हो रही हैं. जिसका सीधा असर पशुओं के दूध उत्पादन पर पड़ रहा है. ज‍बकि इस मामले में राजस्थान यूपी से बहुत आगे निकल चुका है. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि यूपी में बीते 5 साल में चारा फसल उत्पादन का रकबा 7.82 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.75 लाख हेक्टेयर रह गया है.

वहीं चारागाह की जमीन 70 हजार हेक्टेयर से घटकर 66 हजार हेक्टेयर ही रह गई है. अब अगर इस मामले में बात राजस्थान की करें तो वहां 30.55 लाख हेक्टेयर जमीन पर चारा फसल का उत्पादन होता है. वहीं, जबकि राजस्थान में चारागाह की जमीन 16.50 लाख हेक्टेयर है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो राजस्थान में हरे चारे की कमी अभी दिखाई नहीं पड़ती है. और चारे की जमीन के आंकड़ों को देखभर भी नहीं लगता कि वहां जल्द चारे की कमी होने वाली है. 

सिर्फ 0.84 फीसद पीछे है राजस्थान

केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मुताबिक साल 2025 में देश में करीब 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. इसमे 15.66 फीसद की हिस्सेदारी यूपी की थी. राजस्थान की बात करें तो उसकी हिस्सेदारी 14.82 फीसद थी. इस हिसाब से राजस्थान यूपी से सिर्फ 0.84 फीसद पीछे है. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि ये अंतर कोई ज्यादा नहीं है. एक बार तो राजस्थान यूपी को पीछे छोड़ ही चुका है. अगर बीते 5 साल का रिकॉर्ड देंखे तो यूपी लगातार ऊपर-नीचे हो रहा है. 

यूपी-राजस्थान की कितनी हिस्सेदारी 

2024 यूपी 16.21 और राजस्थान 14.51
2023 यूपी 15.72 और राजस्थान 14.44
2022 यूपी 14.93 और राजस्थान 15.05
2021 यूपी 14.94 और राजस्थान 14.63
2020 यूपी 16.06 और राजस्थान 12.89

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत 

POST A COMMENT