पोल्ट्री कॉन्क्लेव का केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल,प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया उद्घाटनयूपी की आबादी करीब 22 करोड़ है. यूपी में अंडे-चिकन की डिमांड भी खूब है. लेकिन चिकन को छोड़ दें तो अंडा उत्पादन के मामले में यूपी डिमांड के मुकाबले बहुत पीछे हैं. ये अंतर इतना बड़ा है कि यूपी अपनी ही डिमांड को पूरा नहीं कर पा रहा है. इसी को देखते हुए यूपी में पहली बार सरकार ने पोल्ट्री कान्क्लेव का आयोजन किया था. इस आयोजन में देशभर से पोल्ट्री एक्सपर्ट, पोल्ट्री फार्मर और बड़ी संख्या में पोल्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने हिस्सा लिया. जहां यूपी को पोल्ट्री का हब बनाने और अंडे-चिकन के बाजार को बड़ा करने पर चर्चा हुई.
संभावनाओं को देखते हुए पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े लोगों ने निवेदश का ऐलान भी किया. वहीं अंडे को मिड-डे-मील में शामिल करने के लिए सरकार और उसके अफसरों से बातचीत भी चल रही है. इस सब के पीछे यूपी पशुपालन विभाग का अहम योगदान रहा है. 2025 में विभाग के एक बड़े अफसर ने हैदराबाद के पोल्ट्री एक्सपो को भी देखा था.
डिपार्टमेंट ऑफ पोल्ट्री साइंस, दुवासु, मथुरा के डीन प्रो. पीके शुक्ला ने किसान तक को बताया कि पोल्ट्री कान्क्लेव का ये पहला मौका था. बावजूद इसके पशुपालन विभाग समेत फूड प्रोसेसिंग विभाग के मंत्री भी इसमे शामिल थे. उन्होंने भरोसा दिया कि यूपी में चिकन प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ावा दिया जाएगा. पोल्ट्री के बड़े ग्रुप आईबी, शालीमार समेत कई अन्य ने दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने का भरोसा दिलाया है.
यूपी के पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बीते साल हैदराबाद में पोल्ट्री एक्सपो देखकर कुछ इसी तरह का यूपी में प्लान किया था. और सिर्फ चार महीने में ही उसे सच भी कर दिखाया. उनका कहना है कि यूपी में पोल्ट्री की बहुत संभावनाएं हैं. युवाओं को इसे रोजगार के रूप में अपनाना चाहिए. सरकार भी इसमे मदद कर रही है. अंडे-चिकन के साथ-साथ सरकार डेयरी में भी युवाओं के लिए दरवाजे खोल रही है. हम भी खुद यूपी में गांव-गांव जाकर पोल्ट्री और डेयरी फार्मर से मिल रहे हैं.
यूपी पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली का कहना है कि यूपी को सर्दी के सीजन में हर रोजाना करीब 5.5 से करोड़ अंडा चाहिए. अगर ऑफ सीजन यानि गर्मी की बात करें तो डिमांड घटकर 3 से 3.5 करोड़ पर आ जाती है. जबकि यूपी में अंडा उत्पादन 1.50 करोड़ से लेकर 1.70 करोड़ तक ही होता है. हालांकि बीच-बीच में अंडे का उत्पा्दन 2 करोड़ तक भी पहुंच जाता है. ऐसे में जब अंडे की कमी होती है तो ऐग ट्रेडर्स आसपास के राज्यों समेत दक्षिण भारत के भी कई राज्यों से अंडे यूपी मंगवाते हैं.
यूपी में अंडे का उत्पादन 1.5 करोड़ है जबकि डिमांड 3.5 से लेकर 5 करोड़ तक है. इसी को देखते हुए देश की कई बड़ी पोल्ट्री कंपनियां यूपी में इंवेस्ट करने को तैयार हैं. वहीं हाल ही में हुए पहले पोल्ट्री कान्क्लेव में सरकार ने चिकन प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की बात कही है. प्रोसेसिंग यूनिट के लिए सब्सिेडी पर भी गहन चर्चा हुई है. दूसरी ओर यूपी के स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे-मील में अंडे को शामिल करने की तैयारियां तेज हो गई हैं.
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