Poultry Chicks Care: पोल्ट्री फार्म के लिए खतरनाक हो सकता है बदलते मौसम में नए चूजे लाना, जानें कैसे Poultry Chicks Care: पोल्ट्री फार्म के लिए खतरनाक हो सकता है बदलते मौसम में नए चूजे लाना, जानें कैसे
Poultry Chicks Care पोल्ट्री फार्म में नए चूजे लाने से पहले और बाद में कुछ काम जरूर करें, वर्ना अंडा हो या चिकन उसकी लागत बढ़ जाती है. क्योंकि बीमार होने पर चूजों की दवाई और वैक्सीन पर खर्चा करना होता है. इसलिए फीड, पानी, वैक्सीन, शेड मैनेजमेंट को लेकर अलर्ट हो जाएं. अगर इस मामले में टिप्स अपनाकर काम किया तो फिर लागत नहीं मुनाफा बढ़ेगा.
नासिर हुसैन - New Delhi,
- Mar 23, 2026,
- Updated Mar 23, 2026, 11:33 AM IST
पोल्ट्री फार्म अंडों के लिए खोला गया हो या फिर चिकन उत्पादन के लिए, दोनों के लिए ही सबसे पहले नए चूजों की जरूरत होती है. और ऐसा भी नहीं है कि नए चूजे सिर्फ एक बार ही खरीदे जाते हों, चिकन उत्पादन के लिए दो महीने बाद तो अंडा उत्पादन के लिए करीब तीन साल बाद नए चूजों की जरूरत होती है. लेकिन मौजूदा बदलते मौसम में पोल्ट्री फार्म के लिए नए चूजे खतरनाक हो सकते हैं. क्योंकि पोल्ट्री हैचिंग फार्म से एक दिन के चूजे बिकते हैं. अब एक दिन के चूजों को ट्रांसपोर्ट कर पोल्ट्री फार्म लाना और फिर फार्म में रखकर उन्हें बड़ा करना, दोनों ही काम बहुत ही मुश्किल होते हैं.
पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो मुर्गी बहुत ही सेंसेटिव बर्ड होती है. जल्दी तनाव में आ जाती है. फिर चाहें बदलता मौसम ही क्यों ना हो. अगर मुर्गी तनाव में आ जाए तो सबसे पहले उत्पादन घट जाता है. मुर्गे-मुर्गी के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए मुर्गी के खानपान से लेकर शेड मैनेजमेंट पर पैनी नजर रखना जरूरी हो जाता है.
ये हैं चूजे लाने से पहले और बाद के काम
मुर्गियों के डॉक्टर और जाने-माने पोल्ट्री एक्सपर्ट डॉक्टर एनके महाजन ने चूजों की देखभाल से जुड़े कुछ खास टिप्स साझा किए हैं.
- पोल्ट्री फार्म में नए चूजों अलसुबह या देर शाम नहीं दिन में लेकर आएं.
- चूजे लाने से पहले फार्म की अच्छी तरह से सफाई कर लें.
- संभव हो तो बायो सिक्योरिटी का भी पालन कर सकते हैं.
- फार्म के फर्श भूसी आदि बिछाने के साथ ही उस पर अखबार बिछा दें.
- चूजे लाने के बाद उन्हें पानी में गुड़ मिलाकर पिलाया जा सकता है.
- खाने के लिए बाजार में बिकने वाला प्री-स्टार्टर फीड दिया जा सकता है.
- शेड के अंदर का तापमान 90 से 95 डिग्री फारेनहाइट होना चाहिए.
- सात दिन तक के चूजों के लिए तापमान 90 से 95 डिग्री फारेनहाइट ही रहेगा.
- तापमान के लिए लकड़ी या लकड़ी का बुरादा इस्तेमाल किया जा सकता है.
- लकड़ी या लकड़ी का बुरादा जला रहे हैं तो एक बर्तन में पानी गर्म होने के लिए रख दें.
- पानी की भाप शेड के अंदर नमी को बनाए रखती है.
- शेड में बाहर की हवा के लिए ऊंची जगह पर एक-दो खिड़की जरूर रखें.
- गंबेरो और रानीखेत जैसी बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगवाएं.
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