Animal Vaccination: गाय-भैंस को टीका लगवाने से पहले ये 12 पॉइंट करें चेक, खूब होगा फायदा Animal Vaccination: गाय-भैंस को टीका लगवाने से पहले ये 12 पॉइंट करें चेक, खूब होगा फायदा
Animal Vaccination देश से डेयरी एक्सपोर्ट की मात्रा बहुत ही कम है. और इसकी वजह है पशुओं की बीमारी. लेकिन, अगर हम वक्त से पशुओं का टीकाकरण कराएं तो एक्सपोर्ट को भी बढ़ाया जा सकता है. लेकिन साथ ही अगर टीकाकरण कराते वक्त एनिमल एक्सपर्ट की बातों का ख्याल रखा तो इसका भी बड़ा फायदा मिलेगा.
प्रतीकात्मक फोटो.नासिर हुसैन - New Delhi,
- May 13, 2026,
- Updated May 13, 2026, 9:56 AM IST
जैसे इंसानों को बीमारियों से बचाने के लिए टीके (वैक्सीनेशन) जरूरी है, ठीक वैसे ही टीकाकरण होने के बाद पशु यानि गाय-भैंस भी बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आने से बचे रहते हैं. यही वजह है कि एनिमल एक्सपर्ट सभी पशुपालक फिर वो चाहें छोटा या बड़ा सभी को पशुओं का टीकाकरण कराने की सलाह देते हैं. लेकिन इसके साथ ही टीकाकरण कराने से पहले के लिए कुछ टिप्स भी दिए जाते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं को टीका लगवाने से पहले कुछ खास बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. अगर एक्सपर्ट के बताए टिप्स का पालन नहीं किया तो फिर किसी भी तरह के विपरीत असर देखने को मिल सकते हैं.
खास बात ये भी है कि आज ज्यादातर देश एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) फ्री एनिमल प्रोडक्ट की डिमांड कर रहे हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक इसका एक मात्र इलाज ये है कि पशुओं को एंटी बायोटिक दवाई खाने को न दी जाए. और ये तभी मुमकिन है जब पशु बीमार न हों. इसीलिए भी सरकार पशुओं के टीकाकरण पर जोर देती है. इससे होता ये है कि टीका लगने से पशु बीमारी की चपेट में नहीं आता है.
टीकाकरण कराने से पहले के टिप्स
- प्रथम टीकाकरण केवल स्वस्थ पशुओं में ही करना चाहिए.
- टीकाकरण से दो सप्ताह पहले कृमिनाशक दवाई देनी चाहिये.
- टीकाकरण के समय पशुओं का हेल्दी होना जरूरी है.
- बीमार और कमजोर पशुओं का टीकाकरण नहीं करना चाहिए.
- बीमारी फैलने से करीब 20-30 दिन पहले टीकाकरण करा लेना चाहिए.
- रोग फैलने के संभावित समय से करीब 20-30 दिन पहले करना चाहिए.
- मानकों के अनुसार कोल्ड बॉक्स में रखे टीके ही पशुओं को लगाने चाहिए.
- जहां पशु ज्यादा हों वहां झुण्ड में पशुओं का टीकाकरण करना जरूरी होता है.
- गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण नहीं करना चाहिए.
- टीकाकरण का रिकार्ड रखने के लिये हमेशा पशु स्वास्थ्य कार्ड बनाएं.
- टीकाकरण के दौरान हर पशु के लिये अलग-अलग सूईयों का इस्तेमाल करें.
- टीके में इस्तेमाल की गई सूई और सिरिज को नियमानुसार डिस्पोज करें.
ये हैं टीकाकरण कराने के फायदे
- पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव.
- पशुओं में होने वाली महामारी से बचाव.
- पशुओं से मनुष्यों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव.
- बीमारियो के इलाज से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव.
- एनिमल प्रोडक्ट से इंसानों में होने वाली बीमारी से बचाव.
- किसानों की पशुपालन में कम लागत से मुनाफा बढ़ता है.
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