Animal Care in Summer: मई-जून में गाय-भैंस के लिए ऐसा होना चाहिए भूसा-हरा चारा और पानी का इंतजाम

Animal Care in Summer: मई-जून में गाय-भैंस के लिए ऐसा होना चाहिए भूसा-हरा चारा और पानी का इंतजाम

Animal Care in Summer गर्मियों में हीट स्ट्रोक और डीहाईड्रेशन के चलते बीमारियों की लाइन सी लग जाती है. इसके चलते उत्पादन की लागत भी बढ़ जाती है. इसलिए पशुओं के पीने के पानी का बहुत ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. हरा चारा भी पानी की कमी को पूरा करता है इसलिए उसे भी सूखी खुराक में शामिल करने की सलाह दी जाती है. 

Advertisement
Animal Care in Summer: मई-जून में गाय-भैंस के लिए ऐसा होना चाहिए भूसा-हरा चारा और पानी का इंतजामयूपी में तकनीक से बदल रहा गांव का डेयरी कारोबार

उफ्फ ये गर्मी, जब भी कोई इंसान पसीने से तर-बतर होता है तो सबसे ज्यादा उसके मुंह से यही शब्द निकलते हैं. खासतौर पर मई-जून के दौरान इन शब्दों का बहुत इस्तेमाल किया जाता है. शायद इसीलिए एनिमल एक्सपर्ट मई-जून के दौरान पशुओं यानि गाय-भैंस के लिए चिंता जताते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो इस तरह के मौसम में भूसा-हरा चारा खि‍लाने और पानी पिलाने के तौर-तरीके भी पशुओं को गर्मी के असर से बचाते हैं. इसीलिए हर एक पशुपालक को खासतौर पर मई-जून में पशुओं के लिए भूसा-हरा चारा और पानी पिलाने के प्लान पर काम करने की सलाह दी जाती है. 

इस मौसम में दुधारू पशुओं को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. इतना ही नहीं सूखा और हरा चारा कैसे और कब खि‍लाया जाए, पिलाने और नहलाने के लिए पानी का इस्तेमाल कैसे करें, इसका भी ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है. मई के 13 दिन बीत चुके हैं, जबकि जून का पूरा महीना बाकी है. इसे देखते हुए पशुपालकों को अभी भी बहुत अलर्ट रहने की जरूरत है. 

पानी, भूसा और हरे चारे का ऐसे रखें ख्याल

  • पशुओं को सूखा भूसा 30 और हरा चारा 70 फीसद तक खिलाएं. 
  • पशुओं को ताजा भूसा खिलाने से पहले उसे भिगो लें. 
  • शाम को भिगोकर रखा गया भूसा पशुओं को सुबह ही खिलाएं. 
  • पशु के सामने हमेशा नमक की ढेली रखें, इसे चाटने से प्यास लगती है. 
  • पशुओं को दोपहर के वक्त छायादार जगह पर बांधना चाहिए. 
  • पानी की कमी होने पर पशु को नमक-चीनी का घोल पिलाएं. 
  • पशुओं को बार-बार पानी दिखाते रहें, फिर वो चाहें पीएं या नहीं. 
  • जहां तक मुमकिन हो पशुओं को ताजा और ठंडा पानी ही पिलाएं.
  • पशुओं के शरीर पर दिन में कम से कम तीन बार पानी छिड़कें. 
  • गर्मियों में पशुओं को सुबह-शाम नहलाना बहुत जरूरी है. 
  • जहां पशु बांधे जाते हैं वहां भी पानी का छिड़काव करें. 

पशुओं में ऐसे पहचानें पानी की कमी 

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है.

ये भी पढ़ें- केंद्र के आंकड़ों में 'जीरो' है मध्य प्रदेश की गेहूं खरीद, पढ़ें बाकी राज्यों का हाल

ये भी पढ़ें- पशुपालकों और पर्यावरण तक के लिए ऐसे फायदेमंद है वाइट रेवोलुशन-2

POST A COMMENT