मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खूहिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस पहल से दूध प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की क्षमता बढ़ेगी और किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. हिमाचल प्रदेश सरकार और एनडीडीबी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह सोमवार को शिमला में आयोजित किया गया.
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य दूध प्रसंस्करण और उससे जुड़े जैव-उत्पादों में आधुनिक और विश्व स्तरीय तकनीक लाना है. इसके साथ ही राज्य के डेयरी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में सरकार ने NDDB के साथ डागवार डेयरी परियोजना को विकसित करने के लिए समझौता किया था. अब नए समझौते के तहत डागवार डेयरी संयंत्र के संचालन और दूध की क्वालिटी जांच के लिए डिजिटल कंप्यूटर सिस्टम को मजबूत किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि राज्य में बनने वाले डेयरी उत्पादों को “HIM” ब्रांड के तहत बाजार में बेचा जाएगा. इससे हिमाचल प्रदेश के डेयरी सेक्टर को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक परिस्थितियां डेयरी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने में मददगार साबित होंगी.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के अनुसार, जब यह डेयरी प्रसंस्करण ढांचा पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि अब लोग डेयरी को आय और व्यवसाय के अच्छे स्रोत के रूप में देख सकेंगे. इसके अलावा सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की पहली पोषण नीति तैयार करने पर भी काम कर रही है. इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर क्वालिटी वाले और पौष्टिक खाद्य और दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के बावजूद राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही सरकार राज्य में एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है. फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी. (ANI)
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