गायों की रहस्यमयी मौतगाय-भैंस हेल्दी रहे, बीमारी या संक्रमण की चपेट में न आए. किसी भी तरह की बीमारी पर खर्चा न हो तो पशुपालक का मुनाफा बढ़ना तय है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि जब पशुपालन में लागत घटती है तो मुनाफा अपने आप बढ़ने लगता है. पशुओं की खुराक तो एक बड़ी लागत है ही, लेकिन पशु अगर बीमार हो जाए तो दोहरा नुकसान होता है और लागत बढ़ जाती है. और ये ही बढ़ी हुई लागत ही मुनाफे को कम कर देती है. अब डेयरी फार्म से ही दूध की गुणवत्ता जांचने का काम शुरू हो जाता है.
एक्सपर्ट की मानें तो दूध और डेयरी प्रोडक्ट की गुणवत्ता काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करती है कि दूध साफ-सुथरा है कि नहीं, कहीं पशु फार्म की गंदगी तो दूध में शामिल नहीं हो गई है. बिना लागत को बढ़ाए दूध उत्पादन कैसे बढ़े, पशु यानि गाय-भैंस हेल्दी कैसे रहे. उत्पादन के दौरान दूध की गुणवत्ता को बरकरार कैसे रखा जाए, कुछ इसी तरह के सवालों का जवाब टिप्स के तौर पर केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय अपनी एडवाइजरी में देता है.
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर टिप्स जारी करते हुए कहा है कि अगर दूध और उससे बने प्रोडक्ट की क्वालिटी को बढ़ाने के साथ ही बरकरार रखना है तो साफ-सुथरे तरीके से पशु फार्म में दूध उत्पादन करना होगा. इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि गर्मियों के मौसम में रोजाना पशुओं को नहलाया जाए. ऐसा करने से पशु संक्रमण से दूर रहेगा. जब संक्रमण नहीं होगा तो बीमारियां नहीं होंगी और दवाईयों का खर्च बच जाएगा.
वहीं समय-समय पर गाय-भैंस के खुर कटवाते रहें. खुर कटते रहने से भी पशु संक्रमण से बचता है. खासतौर से खुरपका बीमारी पशुओं से दूर रहती है. तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि बाड़े में पशु जहां बैठता और खड़ा होता है वहां उसका बिस्तर साफ रहे. जैसे सर्दियों में रबर की मैट बिछाई गई है तो उसे हमेशा साफ रखें.
गर्मियों में अगर कच्चे-पक्के फर्श पर पशु बैठता या खड़ा होता है तो उस जगह को भी अच्छी तरह से साफ करते रहें. गाय-भैंस की बैठने और खड़े होने वाली जगह भी अगर साफ रहती है तो तमाम तरह की बीमारियों का अटैक पशुओं पर नहीं होता है.
Meat Production: पश्चिम बंगाल नहीं, UP को दिया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट
PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today