
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 7 जून 2026 को यह पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ भागों तक पहुंच गया है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय बना रहेगा.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों तक कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. खासकर कर्नाटक में 8 से 10 जून के बीच कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (extremely heavy rainfall) होने की संभावना जताई गई है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
वर्तमान में देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न स्तर पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर हरियाणा, पूर्वोत्तर असम और म्यांमार व अंडमान सागर के आसपास भी मौसम सिस्टम सक्रिय हैं. अरब सागर के दक्षिण कोंकण तट के पास भी एक सिस्टम बना हुआ है, जिससे पश्चिमी तटीय राज्यों में बारिश बढ़ सकती है. इन सभी सिस्टमों के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम लगातार बदलता रहेगा.
उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 7 से 13 जून के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 जून को और फिर 11 से 13 जून के बीच बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 7 से 13 जून तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है. कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है. पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहेगा. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तो 7 से 13 जून के बीच लगभग लगातार बारिश का अनुमान है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे समुद्री और तटीय गतिविधियों पर असर पड़ सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 7 से 13 जून के बीच व्यापक बारिश की संभावना है. कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, खासकर 9 से 13 जून के बीच. तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं की भी चेतावनी जारी की गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 7 से 9 जून के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है. गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
दक्षिण भारत में मॉनसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा. केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 7 से 13 जून तक लगातार बारिश का अनुमान है. केरल में 10 से 13 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 8 से 10 जून के बीच अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है. इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और भूस्खलन की आशंका भी रहेगी.
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 10 जून के बाद इसमें गिरावट आने लगेगी. देश के बाकी हिस्सों में तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है.
मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी भी जारी की है. पश्चिम राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 7 से 11 जून के बीच लू चल सकती है. ओडिशा, कोंकण और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है. कुछ स्थानों पर “वार्म नाइट” यानी रात में भी गर्मी बनी रहने की स्थिति देखने को मिल सकती है.
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें. निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है. आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय और बदलाव भरे रहने वाले हैं.
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