
देश के कई राज्यों में मॉनसून अब आफत बनकर बरस रहा है. गुजरात, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. नदियां उफान पर हैं, बांधों के गेट खोलने पड़ रहे हैं, सड़कें जलमग्न हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है.
गुजरात में बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं. दक्षिणी गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड और डांग जिलों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं. कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जबकि बांधों के गेट खोलने के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है. अहमदाबाद में लगातार बारिश के चलते कई इलाके जलमग्न हो गए. आमली गांव समेत शहर के अनेक हिस्सों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया. जलभराव के कारण कई वाहन बंद पड़ गए, जबकि कुछ जगहों पर तेज बहाव में गाड़ियां फंस गईं. मानेकबाग चौराहे सहित प्रमुख मार्गों पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
वलसाड जिले में लगातार बारिश के बाद मधुबन डैम का जलस्तर बढ़ने पर उसके सभी 10 गेट खोल दिए गए. इसके चलते दमनगंगा नदी उफान पर बह रही है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. एहतियातन दमनगंगा नदी पर बने मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के पुल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. प्रशासन के अनुसार जिले में 300 से अधिक सड़कें प्रभावित हुई हैं. कई इलाकों में जलभराव के कारण यातायात बाधित है.
नवसारी और डांग जिलों में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है. अंबिका नदी खतरे के निशान से दो फीट ऊपर और कावेरी नदी चार फीट ऊपर बह रही है. वांसदा तालुका में पिछले 24 घंटों के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने दोनों जिलों में स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है. गुजरात-महाराष्ट्र को जोड़ने वाले कई मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है.
सूरत शहर से गुजरने वाली तापी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद वीयर-कम-कॉजवे को एक बार फिर बंद कर दिया गया है. यह रास्ता रांदेर और सिंगणपोर क्षेत्रों को जोड़ता है. नदी का पानी कॉजवे के खतरे के स्तर से ऊपर बहने लगा है, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.
जम्मू-कश्मीर में भी लगातार बारिश और फ्लैश फ्लड ने हालात बिगाड़ दिए हैं. रियासी जिले में चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सलाल और बगलिहार डैम के गेट खोलने पड़े. एनएचपीसी ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से चिनाब नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है. राजौरी में पहाड़ों से पानी का तेज बहाव नीचे उतर रहा है, जबकि कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. डोडा जिले में भूस्खलन की एक भयावह घटना में विशाल बोल्डर एक वाहन पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. राहत एवं बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन को मलबे से बाहर निकाला.
गुरेज, बांदीपोरा और श्रीनगर के तेलबल क्षेत्र में भी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बांदीपोरा में सैलाब की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई. अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में बारिश और बाढ़ से अब तक 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. एसडीआरएफ समेत अलग-अलग एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार राहत और बचाव का काम चला रही हैं.
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में भानुपली-बिलासपुर रेलवे लाइन परियोजना के दौरान अचानक बरसाती नाला उफान पर आ गया. इससे निर्माण कार्य में लगी मशीनें, वाहन और क्रेन पानी में फंस गए. हालांकि समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया.
महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी भारी बारिश से हालात गंभीर हैं. सूर्या नदी उफान पर है और दहानू, तलासरी समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं. अनेक सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है. दहानू के केटी नगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है. कई इमारतों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंच गया, जबकि वाहन पानी में डूबे नजर आए. मुंबई से सटे वसई-विरार क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया. पालघर जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है.
ठाणे के भिवंडी क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी है. यहां कामवारी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहीं नासिक में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई पेड़ गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान रामकुंड क्षेत्र में फंसे एक व्यक्ति को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला.
मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इसे देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया है. कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है. लगातार बारिश ने फिलहाल गुजरात, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती अब बारिश के साथ-साथ उससे पैदा हुए बाढ़ जैसे हालात से निपटना है.(आजतक ब्यूरो)