
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और फ्लैश फ्लड ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. जम्मू संभाग में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है, जबकि पूरे जम्मू-कश्मीर में मौसम से जुड़ी घटनाओं में अब तक 29 लोगों की जान जा चुकी है. प्रशासन राहत और बचाव अभियान तेज किए हुए है, लेकिन कई इलाकों में लगातार बारिश काम में बाधा बन रही है. पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान 25 वर्षीय खालिदा कौसर का शव बरामद किया गया. वह 18 जुलाई की रात आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में बह गई थीं.
शव की पहचान परिजनों और गांव के लंबरदार ने की, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया. इस बरामदगी के साथ ही अकेले पुंछ जिले में मृतकों की संख्या 17 हो गई है, जो सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है. अधिकारियों ने बताया कि अब भी छह लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.
18 जुलाई की रात पुंछ के मुर्रा गांव में आई फ्लैश फ्लड ने एक ही परिवार के कई सदस्यों की जान ले ली. इस हादसे में 59 वर्षीय नूर सफिया, 16 वर्षीय सज्जाद अहमद, 11-11 वर्षीय हकनवाज और शहनवाज, 25 वर्षीय खालिदा कौसर, दो वर्षीय सोफियान, 60 वर्षीय बानो बी और सात वर्षीय मोहम्मद अकरम समेत कई लोगों की मौत हो गई. प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है.
वहीं, लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन भी वाहनों के लिए बंद रहा. उधमपुर के जखैनी से लेकर रामबन के बनिहाल तक कई स्थानों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क धंसने की घटनाओं से यातायात पूरी तरह प्रभावित है. सड़क से मलबा हटाने और मरम्मत का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश से राहत कार्य धीमा पड़ गया है.
हाईवे बंद रहने से रामबन, जम्मू, उधमपुर, सांबा, कठुआ, नगरोटा और लखनपुर समेत कई स्थानों पर 600 से अधिक वाहन फंस गए हैं. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जब तक सड़क सुरक्षित घोषित नहीं होती, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें.
राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा एक दर्जन से ज्यादा इंटर-डिस्ट्रिक्ट सड़कें भी भूस्खलन और सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद हैं. डोडा-किश्तवाड़ मार्ग भी यातायात के लिए बंद है. हालांकि, मुगल रोड और श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी मार्ग पर फिलहाल आवाजाही जारी है, लेकिन इन इलाकों में भी लगातार बारिश हो रही है.
भारी बारिश के चलते अमरनाथ, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी की यात्राएं लगातार पांचवें दिन भी स्थगित रहीं. इसके चलते जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, रामबन और बनिहाल के विभिन्न बेस कैंपों और ठहराव केंद्रों पर छह हजार से ज्यादा श्रद्धालु रुके हुए हैं. सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी है.
लगातार बारिश से जम्मू क्षेत्र की लगभग सभी प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं. चिनाब, तवी और अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है. कई निचले इलाकों में पानी भरने से मकानों, दुकानों, बिजली व्यवस्था, पुलों और पेयजल आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंचा है.
मौसम विभाग ने गुरुवार शाम तक जम्मू संभाग के कई जिलों और दक्षिण कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को भी जम्मू-कश्मीर में एक और दौर की बारिश हो सकती है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, मौसम और यातायात संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है. (पीटीआई)