
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. सड़कें पानी में डूब गई हैं, कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, जबकि नदियां उफान पर बह रही हैं. वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
गुजरात के वलसाड जिले में लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश जारी रही. वापी शहर और आसपास के इलाकों में जलभराव इतना बढ़ गया कि कई सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं. कई कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी भर गया और पार्किंग में खड़ी सैकड़ों कारें पानी में डूब गईं. कई दुकानों में भी पानी घुसने से कारोबार प्रभावित हुआ. वहीं, 22 जुलाई को वलसाड में केवल 10 घंटे के भीतर 243 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं.
सूरत में तेज बारिश के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया है. उधना-नवसारी मुख्य मार्ग पर कई फीट पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ. नगर निगम ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. वहीं, नवसारी और डांग जिले में भी हालात गंभीर बने हुए हैं. लगातार बारिश के कारण अंबिका नदी खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है, जबकि कावेरी नदी भी डेंजर लेवल से लगभग चार फीट ऊपर पहुंच गई है. कई बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं, जिससे 17 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, लगातार हो रही बारिश और जलभराव से धान, सब्जियों और बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है. खेतों में पानी भरने से फसलों की जड़ें सड़ सकती हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
गुजरात में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली. प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों के लिए हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है.
महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई रिहायशी इलाके पानी में डूब गए. कई स्थानों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया. शहर के निचले इलाकों, बाजारों और सोसाइटियों में पानी भरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. वसई और नालासोपारा में भी लगातार दो दिनों की बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं.
मौसम विभाग ने गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को तैयार रखा है और लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. लगातार हो रही बारिश से दोनों राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
अगर अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही दौर जारी रहा तो कई और इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है. इसके साथ ही कृषि विभाग भी किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है, क्योंकि लगातार बारिश से खरीफ फसलों में जलभराव, रोग और कीटों का खतरा बढ़ सकता है. फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.