
देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी सक्रियता तरह से सक्रिय है, जिसके चलते तेज बारिश देखने को मिल रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी मॉनसून ट्रफ के कारण पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. IMD के अनुसार गुजरात में 25 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में भी कई इलाकों में बहुत तेज बारिश की आशंका है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं. लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.
आईएमडी ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 25 जुलाई को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं, दक्षिण-पूर्व दिशा से 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे उमस में कुछ राहत मिलेगी, हालांकि दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है.
उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है.
मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. विदर्भ में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का असर बना रह सकता है.
पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश का अनुमान है. ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बिहार में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
इधर, पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मानसून सक्रिय रहेगा. असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
इसके अलावा, पश्चिम भारत में गुजरात सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल रहेगा. यहां कई स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है. कोंकण-गोवा, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में भी तेज बारिश जारी रहने की संभावना है.
वहीं, दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे. धान की नर्सरी, मक्का, सोयाबीन, कपास, दलहन, तिलहन और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी जल्द निकालें. जहां भारी बारिश की चेतावनी है वहां सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टाल दें.
केला, सब्जियों और बागवानी फसलों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें. कटाई के लिए तैयार फल और सब्जियों की जल्द तुड़ाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें. कटी हुई उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें ताकि बारिश और तेज हवा से नुकसान न हो. पशुओं को खुले में न छोड़ें और चारा सूखी जगह पर सुरक्षित रखें. मछली पालन करने वाले किसान तालाबों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें ताकि मछलियां बहकर बाहर न निकलें.