
देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है और 2 सितंबर को भी कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के ऊपर बने वेदर सिस्टम का असर मध्य और पूर्वी भारत के साथ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई देगा. खासतौर पर छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार तेज बारिश का दौर बना रह सकता है. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है.
मौसम विभाग के अनुसार, 2 सितंबर को छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में रह सकता है, जहां कुछ जगहाें पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. बिहार में भी कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि झारखंड और ओडिशा में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है.
IMD का कहना है कि उत्तर भारत में पहाड़ी राज्यों के लिए बारिश का दौर चिंता बढ़ा सकता है. उत्तराखंड में 2 सितंबर से कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है और अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश में भी बारिश जारी रह सकती है. वहीं, जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के बीच कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है. मैदानी राज्यों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश का खतरा है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 2 सितंबर को आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा. सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की भी संभावना है. दोपहर से शाम के दौरान फिर से हल्की बारिश के दौर बन सकते हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में हल्की राहत मिल सकती है.
हरियाणा, चंडीगढ़ में 2 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. पंजाब में भी मौसम बदल सकता है और कुछ इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के साथ कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. ऐसे में निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि केरल में 2 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और रायलसीमा के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.