
रविवार से दिल्ली एनसीआर में आसमान में बादलों ने डेरा डाल रखा है. सोमवार को दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में घना कोहरा देखने को मिला. कई जगह विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम देखी गई और ऊपर से उत्तर भारत के कई इलाकों में अचानक से तापमान गिरा है और उत्तर पश्चिम भारत से लेकर के मध्य भारत के मैदानी इलाकों में ठिठुरन फिर बढ़ी है. मौसम में परिवर्तन अचानक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है. शनिवार की देर रात से लेकर रविवार को सुबह काफी तेज बारिश हुई जिसके बाद अब तापमान लगातार नीचे गिरा हुआ है. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि दो जनवरी से लेकर पांच जनवरी तक दिल्ली NCR समेत उत्तर भारत के ज्यादातर मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नीचे गिर सकता है.
जनवरी महीने में तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए जिसके चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई तो मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि के साथ-साथ बारिश भी देखने को मिली है. अब यह सिलसिला फरवरी महीने में भी जारी है फरवरी के पहले सप्ताह में ही तीन पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हो रही है जिसकी वजह से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में न सिर्फ हल्की से मध्यम और कहीं कहीं भारी बर्फबारी होगी तो उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत के आस पास के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई गई है.
पश्चिमी विक्षोभ तीन फरवरी के दौरान सक्रिय हो रहा है. शनिवार तक अचानक न्यूनतम तापमान में जहां बढ़ोतरी देखी गई है रविवार की सुबह अचानक ठंड बढ़ी है. एक फरवरी को तड़के सुबह से ही पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और NCR के ज्यादातर इलाकों में तेज हवा के साथ भी हल्की से मध्यम बारिश देखी गई जो सिलसिला 3 फरवरी तक जारी रह सकता है. इसी पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू कश्मीर, लद्दाख से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.
पहाड़ों पर अभी फिलहाल बर्फबारी से निजात नहीं मिलने वाली है तो मैदानी इलाकों में अभी कुछ दिन मौसम इसी तरह खुशनुमा बना रहेगा. हालांकि मौसम विभाग ने ये भी संभावना जताई है फरवरी में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा. हालांकि पांच जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी इलाकों पर बर्फबारी होगी तो उत्तर से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी. लेकिन पहले सप्ताह के बाद फिर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी.
पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है. इसके साथ ही यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली और गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखवा में भी बर्फबारी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का यह दौर शुरू हुआ. लंबे इंतजार के बाद हुई इस बर्फबारी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है.
स्थानीय किसानों का कहना है कि यह बर्फबारी उनकी नकदी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी. पहाड़ी क्षेत्रों में सेब के बागान, आलू, राजमा, रामदाना जैसी प्रमुख फसलें होती हैं, जिनके लिए बर्फबारी बेहद आवश्यक मानी जाती है. ऐसे में अब किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है. वहीं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के लिए भी यह बर्फबारी किसी वरदान से कम नहीं है. ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटकों ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है.
मंगलवार, 3 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इस बीच, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बुधवार, 4 फरवरी को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कोहरा छाए रहने की उम्मीद है.
राजस्थान के 12 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि सीकर और टोंक में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जहां विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रहेगी.(ओमकार बहुगुणा के इनपुट के साथ)