किसानों के साथ बड़ा धोखापश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हाड़ौती अंचल में मौसम ने अचानक करवट ले ली. रविवार को कोटा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई. दोपहर बाद कोटा-झालावाड़ हाईवे पर स्थित गोपालपुरा और उमेदपुरा गांव में करीब 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई.
तेज ओलों के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और धनिया की फसलें जमीन पर गिर गईं. कई किसानों का कहना है कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है. दीगोद, किशोरपुरा और डूंगरज्या क्षेत्रों में मावठ दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक और नमी बढ़ गई, लेकिन ओलावृष्टि ने लाभ की जगह नुकसान की आशंका पैदा कर दी.
किसान रामभरोस ने बताया कि उनके दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 16 बीघा खेत में गेहूं और धनिया की फसल खड़ी थी. अचानक तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई और 20 मिनट से ज्यादा समय तक ओले गिरते रहे. बारिश रुकने के बाद उन्होंने देखा कि फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछ चुकी थीं. उनका कहना है कि नुकसान काफी ज्यादा है.
कोटा शहर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे. कहीं-कहीं हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन बारिश और ठंडी हवा के कारण गलन बढ़ गई. कई इलाकों में सड़कों पर हल्का कोहरा भी देखा गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई.
मौसम विभाग ने कोटा और बूंदी समेत पूरे हाड़ौती संभाग के लिए बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है. रविवार को कोटा का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 24.7 और न्यूनतम 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा था.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य बारिश रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने के लिए फायदेमंद होती है और इससे पैदावार बढ़ने की उम्मीद रहती है. हालांकि, अगर ओलावृष्टि तेज और लंबे समय तक होती है, तो यह फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में किसान मौसम पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति को लेकर चिंतित हैं.
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