
उत्तर भारत में फरवरी की शुरुआत मौसम के लिहाज से सक्रिय रहने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से 1 से 3 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इसके बाद तीसरा पश्चिमी विक्षोभ 5 से 7 फरवरी के बीच फिर से पहाड़ी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में रात का तापमान 3-5°C बढ़ सकता है और दिन का तापमान 2-4°C गिर सकता है.
IMD ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, उत्तराखंड में 1 और 2 फरवरी को इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 फरवरी को कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान आ सकता है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 1 से 3 फरवरी के बीच हल्की बारिश, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं. वहीं पूर्वी राजस्थान में 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 फरवरी को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान स्थिर रहने के बाद फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है.
IMD ने कहा कि असम-मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक सुबह और रात के समय कुछ इलाकों में घना कोहरा रह सकता है. ओडिशा में 2 फरवरी तक और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 फरवरी को भी कोहरे की संभावना है. 1 फरवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर ठंडे दिन की स्थिति बन सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, 2 फरवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ तथा 5 फरवरी की रात से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. ऐसे में फरवरी के पहले सप्ताह तक पहाड़ों और आसपास के मैदानी इलाकों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
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