Himachal News: मंडी के किसानों को 17 करोड़ से अधिक का नुकसान, बारिश ने चौपट की कई फसलें

Himachal News: मंडी के किसानों को 17 करोड़ से अधिक का नुकसान, बारिश ने चौपट की कई फसलें

इस बार बेमौसमी बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां मंडी जिले में बार-बार मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी किया जा रहा है, तो वहीं ऊपरी क्षेत्रों में अभी तक बर्फबारी हो ही रही है. इसकी वजह से इलाके में लोग ठंड से ठिठुरते नजर आते हैं. मंडी के निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश ने तबाही मचाई हुई है.

मंडी में गेहूं किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा हैमंडी में गेहूं किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है
परी शर्मा
  • Mandi (HP),
  • May 09, 2023,
  • Updated May 09, 2023, 5:09 PM IST

हिमाचल प्रदेश के मंडी में मई के महीने में जहां तापमान 35 से 38 डिग्री के पार होता था, वहीं इस बार मौसम की बेरूखी से आम लोग ठंड की मार झेल रहे हैं. किसान भी इससे अछूते नहीं हैं. मौसम की मार से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. अभी भी उंचाई वाले इलाके में बर्फबारी हो रही है और निचले क्षेत्रों में बारिश ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. लोग गर्म कपड़े पहने नजर आ रहे हैं. इस मौसमी मार से किसानों को मंडी जिले में 17.5 करोड़ रुपये का अब तक नुकसान हो चुका है. कृषि उपनिदेशक राजेश डोगरा की मानें तो मंडी जिले में अभी तक किसानों को 17.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी गई है.

इस बार बेमौसमी बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां मंडी जिले में बार-बार मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी किया जा रहा है, तो वहीं ऊपरी क्षेत्रों में अभी तक बर्फबारी हो ही रही है. इसकी वजह से इलाके में लोग ठंड से ठिठुरते नजर आते हैं. मंडी के निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश ने तबाही मचाई हुई है. बेमौसमी बारिश ने मंडी जिले के किसानों को मुश्किलों में डाल दिया है. सरकारी आंकड़ों पर नजर दौडाएं तो किसानों को अब तक 17.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसकी पुष्टि खुद कृषि उपनिदेशक राजेश डोगरा ने की है. 

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गेहूं की फसल बर्बाद

राजेश डोगरा ने बताया कि इस बार बारिश की वजह से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है. लगातार बारिश के चलते खेतों में गेहूं काला पड़ गया, वहीं साढ़े सात सौ मीट्रिक टन फसल अभी तक खराब हो गई है. इससे किसानों को अभी तक आठ करोड़ का नुकसान हो चुका है जिसकी रिपोर्ट मंडी जिला के आला अधिकारियों को सौंप दी गई है. कृषि उपनिदेक ने किसानों से अपील की है कि जिस तरह से इस बार गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, उससे बचने के लिए किसान आने वाली फसल का 36 रुपये में बीमा करवाएं, ताकि फसल खराब होने पर रियायत के तौर पर 2400 रुपये मिल सके.

क्या कहा कृषि विभाग ने

राजेश डोगरा ने बताया कि इस बार मटर की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. उसी तरह मिनी पंजाब कहे जाने वाले बल्ह में एक हजार हेक्टेयर भूमि में किसानों ने टमाटर लगाए हुए हैं, जिसको भारी बारिश से नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि खेतों में पानी भरने से टमाटर को लेट ब्लाइट और अर्ली ब्लाइट जैसी बीमारी लग रही है. इससे कई फसलें चौपट हो रही हैं. डोगरा ने कहा कि सरकार की तरफ से मंडी जिला को एक लाख 15 हजार टन गेहूं का लक्ष्य मिला था जिसमें से बारिश की वजह से 70 फीसद फसल खराब हो गई है. लगभग 750 मीट्रिक टन फसल खराब हुई है. इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इससे बचने का यही उपाय है कि किसान फसल बीमा कराएं. 

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कृषि उपनिदेशक ने कहा कि बल्ह इलाके में खेतों में पानी लगने से सब्जियों की फसलों पर भारी खतरा है. इससे बचने के लिए किसानों को फसलों पर फंजीसाइड्स छिड़कने की सलाह दी गई है. इसके अलावा अखबारों में विज्ञापन निकलवा कर किसानों को निर्देश दिए जा रहे हैं.

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