उत्तर प्रदेश सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम घोषित हो चुके हैं. इसमें आगरा के एत्मादपुर के गढ़ी रामी की रहने वाली किसान की बेटी ने परीक्षा परिणाम में पहला स्थान हासिल किया है. पहला स्थान पाने वाली इस छात्रा का नाम दिव्या सिकरवार है. सिकरवार अपने तीसरे प्रयास में सफल हुई हैं. दिव्या ने अपनी सफलता के लिए अपने किसान पिता और मां को श्रेय दिया है. दिव्या के पिता सेना से रिटायर होने के बाद गांव में ही खेती का काम करते हैं. दो भाइयों में सबसे बड़ी बेटी दिव्या ने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए बिना थके, बिना रुके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. दिव्या की सफलता से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है.
आगरा के गांव गढ़ी रामी के रहने वाले किसान राजपाल सिकरवार ने सेना में 25 साल तक नौकरी की है. 2011 में वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर गांव आ गए. फिर अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई कराने लगे और खुद खेती किसानी में लग गए.
राजपाल सिकरवार ने किसान तक को बताया कि उनके पास गांव में खेती के लिए 18 बीघा जमीन है. अपने खेतों में गेहूं, सरसों और आलू की खेती करते हैं. वही अपनी खेती के दम पर ही बच्चों की अच्छी परवरिश भी करते हैं. उनकी बेटी दिव्या दो बेटों से बड़ी हैं. वही उनका सबसे बड़ा बेटा यूपी पुलिस में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा कपिल भी सिविल सेवा की तैयारी में लगा हुआ है. किसान पिता राजपाल बताते हैं कि उनकी बेटी दिव्या शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है.
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आगरा के गांव गढ़ी रामी की रहने वाली दिव्या सिकरवार ने UPPSC 2022 के एग्जाम में टॉप करके पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. दिव्या का जन्म 28 अक्टूबर 1995 हुआ है. किसान पिता राजपाल सिकरवार बताते हैं कि कुबेरपुर के शारदा देवी इंटर कॉलेज से दसवीं में 77 परसेंट अंकों के साथ दिव्या ने हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी. फिर श्रीमती विमला देवी इंटर कॉलेज से 80 परसेंट अंक के साथ 12वीं की परीक्षा पास की. इसके बाद दिव्या ने सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा से बीएससी और एमएससी किया.
दिव्या शिक्षक बनना चाहती थीं जिसके लिए आरबीएस कॉलेज से B.Ed कर रही थीं. पिता राजपाल बताते हैं कि उनकी बेटी दिव्या ने पीसीएस की तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं ली. पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाई थी. वही अपने पीसीएस के दूसरे प्रयास में केवल दो अंकों से सफलता नहीं मिली.
इसके बाद दिव्या ने यूट्यूब से पढ़ाई करना शुरू किया और बंद कमरे में दिन रात पढ़ती थी. पिता बताते हैं कि उन्होंने कई बाहर उसे कोचिंग करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी. गांव में ही रहकर अपनी तैयारी करती रही. जब इंटरव्यू देकर दिव्या लौटी तो उसने बताया कि इस बार सफलता पक्की है. हालांकि रिजल्ट में जब दिव्या ने टॉप किया तो यह किसी को यकीन नहीं हुआ.
UPPSC 2022 में टॉप करने के बाद दिव्या सिकरवार के पिता राजपाल सिकरवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. जैसे ही रिजल्ट का पता लगा, अपने खेतों से घर लौटे पिता की सारी थकान मिट गई. फिर उन्होंने गांव में घूम-घूम कर मिठाई बांटी.