Kahani Karwan Ki: मुफ्त बिजली, 15 दिन में पेमेंट, इन 7 जिलों में किसानों ने बताए कमाल के अनुभव

Kahani Karwan Ki: मुफ्त बिजली, 15 दिन में पेमेंट, इन 7 जिलों में किसानों ने बताए कमाल के अनुभव

उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे के संयुक्त प्रयास से 'किसान तक का किसान कारवां' प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित हुआ. इसकी शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को सेंट्रल वेस्टर्न जोन के अमरोहा जनपद के गजरौला ब्लॉक, जलालपुर गांव से हुई. इसका समापन हाल ही में 4 मई को गौतमबुद्ध नगर में हुआ। अब हम शुरू कर रहे हैं एक खास सीरीज कहानी कारवां की। इसमें आप जानेंगे उत्तर प्रदेश के 9 अलग-अलग एग्रोक्लाइमेटिक जोन्स में किसानों, वैज्ञानिकों, यूपी सरकार की योजनाओं से जुड़ी हर बात डिटेल में।

किसान कारवांकिसान कारवां
धर्मेंद्र सिंह
  • Noida ,
  • May 10, 2026,
  • Updated May 10, 2026, 5:11 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे के संयुक्त प्रयास से 'किसान तक का किसान कारवां' प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित हुआ. इसकी शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को सेंट्रल वेस्टर्न जोन के अमरोहा जनपद के गजरौला ब्लॉक, जलालपुर गांव से हुई. इसका समापन हाल ही में 4 मई को गौतमबुद्ध नगर में हुआ। इस बार कहानी जोन-1 की। इस जोन में अमरोहा, संभल, बदायूं, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा जिले शामिल थे. कारवां का मकसद किसानों को उन्नत कृषि, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आमदनी दोगुनी करना है.

गन्ने की उन्नत किस्म Co-18231 से बढ़ा उत्पादन  

सेंट्रल वेस्टर्न जोन में धान, गेहूं के साथ गन्ना और आलू की खेती प्रमुखता से होती है.अमरोहा में बड़े पैमाने पर गन्ना उगाया जाता है. किसान कारवां के मंच से कृषि अधिकारियों ने गन्ने की उन्नत किस्म Co-18231 की जानकारी दी. इससे उत्पादन बढ़ा है और किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है.वैज्ञानिकों ने गन्ने की बीमारियों की पहचान और मौके पर ही निदान भी बताया.

नलकूप के लिए मुफ्त बिजली, 18 घंटे आपूर्ति से लागत शून्य  

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अब 18 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है. योगी सरकार नलकूप के लिए मुफ्त बिजली दे रही है.अमरोहा के किसान शशि प्रकाश ने बताया कि सपा शासन में 7-8 घंटे ही बिजली मिलती थी. अब सिंचाई का खर्च शून्य हो गया है. बिजली की अच्छी आपूर्ति से फसल लागत घटी और आमदनी बढ़ी है.

 अब 15 दिन में हो रहा गन्ने का भुगतान  

वर्तमान सरकार में चीनी मिलें 15 दिन में गन्ना किसानों का भुगतान कर रही हैं. पहले दो-दो साल इंतजार करना पड़ता था. इससे गन्ने का उत्पादन और क्षेत्रफल दोनों बढ़ रहे हैं. किसान अनीस अहमद ने बताया कि गुड़ बनाने से भी अच्छी आमदनी हो रही है.

सेकेंडरी इनकम के लिए फलदार फसल और विविधीकरण जरूरी  

संभल KVK के वैज्ञानिक डॉ ज्योति स्वरूप ने परंपरागत खेती के साथ फलदार फसलों की सलाह दी. हाथरस KVK के डॉ ए एच वारसी ने फसल विविधीकरण के फायदे बताए. एक साथ कई फसल लेने से लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है. वैज्ञानिक नीरज सिंह ने मेड़ों पर फलदार पौधे लगाने की जानकारी दी. किसान संतोष यादव बोले, 10 साल में उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़े हैं.

मिट्टी की जांच हर 2 साल में, गोबर-ढैंचा से सुधारें सेहत  

एटा KVK के डॉ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मिट्टी के लिए 17 तत्व जरूरी हैं पर किसान सिर्फ NPK डालते हैं. इससे मृदा खराब हो रही है. हर 2 साल में मिट्टी जांच कराएं.गोबर की खाद और हरी खाद के लिए ढैंचा का उपयोग करें. हाथरस के किसान राकेश सिंह ने केंचुआ खाद बनाने की विधि और फायदे बताए.

पशुपालन से बढ़ेगी आय, टीकाकरण और नेपियर घास जरूरी  

पशु चिकित्सक डॉ अजय कुमार ने FMD टीकाकरण पर जोर दिया. बदायूं KVK के डॉ रोशन कुमार सिंह ने बताया कि पशुओं में बांझपन बढ़ रहा है. इसके लिए मिनरल मिक्सचर दें. हाथरस में लम्पी रोग से बचाव बताया गया. कासगंज के डॉ सुशील कुमार ने कहा कि सर्दी में हरा चारा और भूसा 1:3 अनुपात में दें. गुड़, अजवाइन, सरसों का तेल देने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. नेपियर घास से दूध उत्पादन बढ़ेगा.

फार्मर रजिस्ट्री, कृषि यंत्रों पर अनुदान और ड्रोन तकनीक की जानकारी  

बदायूं के जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि सरकार अनुदान पर उन्नत बीज दे रही है. फार्मर रजिस्ट्री के फायदे बताए गए. हर किसान के लिए ये जरूरी है. आने वाले समय में जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा.संभल के कृषि अधिकारी हरि सिंह ने कृषि यंत्रों पर अनुदान की जानकारी दी. एटा में ड्रोन से उर्वरक छिड़काव का डेमो दिखाया गया.

इफको ने दी नैनो यूरिया और लिक्विड DAP की जानकारी  

इफको अधिकारियों ने बताया कि परंपरागत यूरिया-DAP का बड़ा हिस्सा बेकार चला जाता है. पौधों को पूरा उर्वरक का लाभ नहीं मिल पाता है. ड्रोन से नैनो यूरिया और लिक्विड DAP के छिड़काव से फसल को पूरा लाभ मिलता है. किसान कारवां के मंच से किसानों को संतुलित उर्वरक के प्रयोग के फायदें भी बताए गए. वहीं किसानों को यह बताया गया की ज्यादा उर्वरक के प्रयोग से फसल लागत बढ़ जाती है और मृदा का स्वास्थ्य खराब होने लगता है.  

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