उत्तर प्रदेश सरकार 1 जून से “फार्मर आईडी” को अनिवार्य करने जा रही है, जिसके लिए किसानों को 31 मई तक पंजीकरण कराना होगा. इस आईडी के जरिए किसानों की जमीन और योजनाओं से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी. खाद खरीद, MSP पर फसल बिक्री और सरकारी योजनाओं का लाभ अब इसी आईडी से मिलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी.
हरी खाद डालने से मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं. इससे खेत में सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं और नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ जाती है. इसका फायदा अगली फसल को मिलता है और रासायनिक खाद की जरूरत कम हो जाती है.
उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी हो गई हैं. गन्ना सर्वेक्षण कार्य 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक पूरा किया जाएगा।
Solar Didi Story: सोलर दीदियां न केवल तकनीकी कार्य कर रहीं हैं, बल्कि वे जागरूकता अभियान का भी अहम हिस्सा हैं. वे ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के फायदे समझाकर पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. इससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है.
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