
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से किसानों की परेशानी की एक बहुत दुखद खबर सामने आई है. यहां एक किसान को अपनी मेहनत से उगाई गई प्याज का इतना कम दाम मिला कि वह पूरी तरह टूट गया. किसान ने गुस्से और दुख में आकर अपनी करीब 600 बोरी प्याज में आग लगा दी.
यह घटना धाराशिव जिले के भूम तालुका के तिंत्रज गांव की है. यहां रहने वाले किसान भगवान साबळे ने अपने खेत में प्याज की खेती की थी. उन्होंने बहुत मेहनत और पैसे लगाकर यह फसल तैयार की थी. लेकिन जब बाजार में प्याज का सही दाम नहीं मिला, तो किसान बहुत परेशान हो गया.
भगवान साबळे ने अपने चार एकड़ खेत में प्याज लगाई थी. प्याज की खेती के लिए उन्होंने बीज, खाद, दवाई, पानी, मजदूरी और कटाई पर काफी पैसा खर्च किया. किसान के अनुसार एक एकड़ में लगभग 80 से 90 हजार रुपये तक का खर्च आया था.
मई की तेज गर्मी में किसान ने अपनी पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता के साथ खेत में मेहनत की. सभी ने मिलकर प्याज निकाली और उसे बोरियों में भरकर रखा. किसान को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी कमाई होगी और मेहनत का फल मिलेगा.
किसान भगवान साबळे ने सबसे पहले 70 बोरी प्याज बाजार समिति में बेचने के लिए भेजी. लेकिन वहां व्यापारियों ने प्याज का भाव सिर्फ 1 रुपये प्रति किलो बताया. इतनी कम कीमत सुनकर किसान हैरान रह गया.
70 बोरी प्याज बेचने के बाद किसान को केवल 4 हजार रुपये मिले. किसान का कहना है कि इतनी रकम में तो खेत से बाजार तक प्याज ले जाने का खर्च भी पूरा नहीं हुआ. इससे किसान बहुत दुखी हो गया.
कई महीनों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च करने के बाद जब किसान को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिला, तो वह पूरी तरह टूट गया. दुख और गुस्से में किसान ने अपने खेत में रखी करीब 600 बोरी प्याज में आग लगा दी.
कुछ ही देर में मेहनत से तैयार की गई पूरी प्याज जलकर राख हो गई. यह दृश्य देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए. किसान का कहना है कि जब फसल का सही दाम ही नहीं मिलेगा, तो इतनी मेहनत करने का क्या फायदा.
इस घटना के बाद इलाके के दूसरे किसान भी नाराज हैं. किसानों का कहना है कि खेती का खर्च हर साल बढ़ता जा रहा है, लेकिन फसल का सही दाम नहीं मिलता. कभी मौसम खराब हो जाता है तो कभी बाजार में कीमत बहुत कम मिलती है.
भगवान साबळे ने प्रशासन से मदद की मांग की है. उन्होंने कहा है कि नुकसान का पंचनामा किया जाए और उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपने परिवार को संभाल सकें.
आज किसान बहुत मुश्किल समय से गुजर रहे हैं. खेत में फसल उगाने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है. इसके बाद भी अगर सही दाम नहीं मिले, तो किसानों को बड़ा नुकसान होता है.
धाराशिव की यह घटना बताती है कि किसानों की परेशानी कितनी बड़ी होती जा रही है. किसान चाहते हैं कि सरकार उनकी फसल का सही दाम दिलाए ताकि उन्हें अपनी मेहनत का पूरा फल मिल सके. (गणेश सुभाष जाधव का इनपुट)
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